Gyanvapi Case: ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी केस में 16 लोग बनना चाहते हैं पक्षकार, 13 की अर्जी कोर्ट में खारिज
ज्ञानवापी से जुड़े तीन मामलों में सोमवार को वाराणसी की अलग-अलग कोर्ट में सुनवाई हुई। ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी मामले में पक्षकार बनने के लिए दी गई कुल 16 लोगों में से पांच की अर्जी खारिज कर दी। इससे पहले 8 लोगों का आवेदन अनुपस्थित रहने के कारण पहले ही खारिज हो गया था।
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ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी केस में पक्षकार बनने के लिए पड़ी अर्जियों पर सुनवाई सोमवार को जिला जज डॉ. अजयकृष्ण विश्वेश की अदालत में हुई। 16 अर्जियों में से 13 प्रार्थना पत्र को अदालत ने खारिज कर दिया। शेष तीन अर्जियों पर आदेश के लिए 21 अक्तूबर की तिथि तय की।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कमीशन की कार्यवाही के दौरान मिले शिवलिंग की आकृति की कार्बन डेटिंग कराने संबंधी अर्जी खारिज करते हुए पक्षकार बनाने संबंधित अर्जियों पर सुनवाई शुरू की थी। पक्षकार बनने के लिए 16 लोगों ने जिला जज की कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था।
8 लोगों का आवेदन पहले ही हो गया था खारिज
हिंदू पक्ष के अधिवक्ता सुभाष नंदन चतुर्वेदी व सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि कोर्ट ने हमारी मांग मान ली है। जिसमें वादी पक्ष की सहमति के बगैर पक्षकार बनाये जाने का विरोध किया गया था। कुल 16 लोगों ने पक्षकार बनने के लिए आवेदन दिया था। जिसमें से पांच लोगों का आवेदन जिला जज ने खारिज कर दिया। तीन लोगों के आवेदन पर सोमवार को सुनवाई पूरी हुई।
मामले में आदेश के लिए 21 अक्तूबर की तिथि अदालत ने तय की। 8 लोगों का आवेदन अनुपस्थित रहने के कारण पहले ही खारिज हो गया था। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि बिना वादी पक्ष की सहमति के किसी को पक्षकार नहीं बनाया जा सकता।
बता दें कि श्रृंगार गौरी की नियमित पूजा करने की इजाजत देने के लिए जिन महिलाओं ने याचिका डाली थी, उन्होंने किसी को भी पक्षकार बनाने से इनकार कर दिया था। याचिका डालने वाली वादी महिलाएं सीता साहू, मंजू व्यास, रेखा पाठक और लक्ष्मी देवी ने कहा है कि उन्हें इस केस में किसी को भी पक्षकार बनाने की जरूरत नहीं है। मामले में सुनवाई के लिए वह पर्याप्त हैं।