Gyanvapi Survey: दो सितंबर तक दाखिल करें ज्ञानवापी की सर्वे रिपोर्ट, जिला अदालत का एएसआई को आदेश
Gyanvapi Survey Report: जिला जज डॉ अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने भारत सरकार के स्टैंडिंग काउंसिल अमित श्रीवास्तव की तरफ से एएसआई को चार सप्ताह में सर्वे रिपोर्ट दाखिल करने के आवेदन को स्वीकार किया। दो सितंबर तक सर्वे रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करने का आदेश दिया।
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जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्ववेश की अदालत ने शनिवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की अर्जी स्वीकार कर ली और ज्ञानवापी परिसर की सर्वे रिपोर्ट दो सितंबर तक पेश करने का आदेश दिया। जिला जज की अदालत ने ही ज्ञानवापी परिसर के सर्वे का आदेश दिया था। साथ ही सर्वे रिपोर्ट चार अगस्त तक तलब की थी, लेकिन मामला हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट चला गया।
इस कारण एएसआई ने सर्वे और उसकी रिपोर्ट जमा करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा था। एएसआई की तरफ से केंद्र सरकार के स्टैंडिंग काउंसिल अमित श्रीवास्तव ने अतिरिक्त समय दिए जाने का अनुरोध किया था। उनकी दलील थी कि पहले सुप्रीम कोर्ट और फिर हाईकोर्ट की रोक के कारण तीन अगस्त तक सर्वे का काम रुका रहा।
चार अगस्त से दोबारा सर्वे शुरू
इस वजह से चार अगस्त को ज्ञानवापी की सर्वे रिपोर्ट जिला जज की अदालत में दाखिल नहीं की जा सकी। चार अगस्त से दोबारा सर्वे शुरू हुआ है। ऐसे में सर्वे का काम पूरा करके रिपोर्ट पेश करने के लिए समय दिया जाना चाहिए। इस पर जिला जज की अदालत ने शुक्रवार को आदेश के लिए पत्रावली सुरक्षित रख ली थी। शनिवार को अदालत ने एएसआई को ज्ञानवापी की सर्वे रिपोर्ट दो सितंबर तक पेश करने का आदेश दिया।
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67 दिन में आ गया था कोर्ट का आदेश
वाराणसी के बहुचर्चित ज्ञानवापी-मां श्रृंगार गौरी मामले में एएसआई से सर्वे की मांग पर 67 दिन में सुनवाई पूरी हुई थी। सर्वे की मांग लेकर हिंदू पक्ष की सीता साहू, रेखा पाठक, मंजू व्यास और लक्ष्मी देवी ने बीते 16 मई को अदालत में आवेदन दिया था। वादी और प्रतिवादी पक्ष की दलीलों और आपत्तियों को सुनने के बाद अदालत ने 14 जुलाई को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।
21 जुलाई को अदालत ने एएसआई को ज्ञानवापी के सीज वजूस्थल को छोड़कर शेष अन्य हिस्से का आदेश दिया था। साथ ही, कहा था कि सर्वे के दौरान मौजूदा संरचना को कहीं भी किसी प्रकार से नुकसान न पहुंचे। सर्वे रिपोर्ट चार अगस्त को दाखिल करने का आदेश था।