चंदौली के माटीगांव में मिली गुप्तकालीन नक्काशीदार ईंटों की दीवार
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चंदौली के माटीगांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में पुरातत्व विभाग की ओर से की जा रही खुदाई में रहस्यों से धीरे-धीरे पर्दा उठने लगा है। बृहस्पतिवार को दूसरे दिन खुदाई के दौरान प्राचीन नक्काशीदार ईंटों की दीवार नजर आई। पुरातत्वविदों ने दावा किया कि गुप्त काल में भवन और मंदिरों का निर्माण करने में ऐसी ईंटों का इस्तेमाल होता था।
बीएचयू की पुरातत्व विभाग टीम ने माटीगांव में खुदाई के लिए मंदिर परिसर में तीन तथा गांव में एक जगह पांच गुणे पांच वर्ग मीटर जमीन चिह्नित की है। बृहस्पतिवार को दूसरे दिन मंदिर परिसर में दो जगह खुदाई शुरू की गई। यह कार्य पांच बजे शाम तक चला। इस दौरान गोलाकार पुरानी ईंटों की दीवार सामने आई। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. ओमकारनाथ सिंह ने दोपहर में माटीगांव पहुंच खुदाई कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने अधीनस्थों को बारीकी के साथ खुदाई करने के निर्देश दिए।
प्रो. ओएन सिंह और डा. एके दुबे ने बताया कि सर्वे के दौरान मिले अवशेषों के आधार पर खुदाई कराने का फैसला ठीक रहा। उम्मीद है कि गांव की माटी के नीचे छुपे ऐतिहासिक रहस्यों के बारे में जल्द ही साक्ष्य मिलने लगेंगे। टीम में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के डा. अशोक कुमार सिंह, डा. विनय कुमार, डा. उमेश कुमार सिंह, राहुल त्यागी, अभिषेक सिंह, परमजीत शामिल रहे।
एसपी ने परिसर में पुलिस की तैनाती की
माटीगांव में खुदाई के दौरान मिलने के वाले अवशेषों की सुरक्षा के लिए पुलिस अधीक्षक हेमंत कुटियाल ने पुलिस की तैनाती कर दी है। बृहस्पतिवार को उपनिरीक्षक ओपी सिंह के नेतृत्व में सदर कोतवाली के तीन कांस्टेबल तथा चार होमगार्ड के जवान पहुंच गए। पुलिस कर्मियों ने खुदाई देखने के आए लोगों को परिसर स्थल से दूर रहने की चेतावनी दी। साथ ही सतर्क किया कि यदि खुदाई के दौरान किसी प्रकार का व्यवधान डालने का किसी ने प्रयास किया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।