एसआईबी का बड़ा खुलासा: वाराणसी में 4.25 करोड़ की जीएसटी चोरी, रेलवे ठेकेदार और टेंट हाउस पर कार्रवाई
वाराणसी में 4.25 करोड़ की जीएसटी चोरी के मामले में रेलवे ठेकेदार और टेंट हाउस पर कार्रवाई की गई। इस मामले का खुलासा उत्तर प्रदेश राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) ने किया है।
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वाराणसी में रेलवे ठेकेदार और टेंट हाउस फर्म ने 4.25 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की है। इसका खुलासा मंगलवार को उत्तर प्रदेश राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) ने किया है। यह कार्रवाई डीएलडब्ल्यू के पास छापा मारकर की गई। छापा 18 से 22 सितंबर तक चला है। जांच टीम ने ठेकेदार और फर्म के नाम का खुलासा नहीं किया है। कहा है कि मामले की जांच चल रही है।
जांच में सामने आया कि रेलवे ठेकेदार फर्म सिविल निर्माण के साथ-साथ सरकारी ई-मार्केटप्लेस के माध्यम से मैनपावर आपूर्ति करती है। फर्म ने वित्त वर्ष 2025-26 के रिटर्न में मैनपावर आपूर्ति को छिपाया। 2026-27 में अप्रैल से रिटर्न दाखिल नहीं किए गए।
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अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच फर्म को 5.50 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान मिला। इस पर देय एक करोड़ रुपये से अधिक का कर जमा नहीं किया गया। फर्म ने बिना वास्तविक खरीद के 2.88 करोड़ रुपये का अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट का भी दावा किया।
36 लाख रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट फर्जी बिलों के जरिये हासिल की गई। इस ठेकेदार फर्म की ओर से कुल 4.25 करोड़ रुपये की कर चोरी सामने आई। कार्रवाई के दौरान व्यापारी ने 46.64 लाख रुपये जमा कराए और शेष राशि चुकाने का आश्वासन दिया।
टेंट हाउस फर्म में भी अनियमितताएं
जीएसटी विभाग की जांच में सामने आया है कि उसी परिसर से संचालित कैटरिंग और टेंट हाउस फर्म में भी अनियमितताएं मिलीं। इस फर्म का जीएसटी पंजीयन मार्च 2026 में निरस्त किया गया था। जुलाई 2025 से कोई रिटर्न नहीं भरा गया था, फिर भी यह बड़े पैमाने पर व्यवसाय कर रही थी। जब्त रजिस्टर और बिल की पड़ताल में 2022-23 से अब तक 2 से 2.5 करोड़ रुपये की अघोषित बिक्री सामने आई। फर्म शैक्षणिक संस्थानों को टेंट आपूर्ति को गैरकानूनी रूप से करमुक्त दिखा रही थी।
अधिकारी बोले
मैनपावर आपूर्ति असंगठित क्षेत्र से जुड़ी है। इसमें वास्तविक इनपुट टैक्स क्रेडिट की गुंजाइश कम रहती है। इससे सुनियोजित कर चोरी सामने आई है। व्यापारी फर्जी बिलों और अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट से दूर रहें। ईमानदार करदाताओं को जीएसटी विभाग का पूरा सहयोग मिलेगा, लेकिन कर चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। -दीप्ति कटियार, जोनल अपर आयुक्त ग्रेड-2