{"_id":"5fe6476c8ebc3ecd687a4247","slug":"gst-city-news-vns5655218152","type":"story","status":"publish","title_hn":"नए साल से जीएसटी नियमों में बदलाव से व्यापारी आहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नए साल से जीएसटी नियमों में बदलाव से व्यापारी आहत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। जीएसटी नियमों में संशोधन और नए एक्ट को लेकर कारोबारियों में काफी आक्रोश है। जनवरी से किए जा रहे ई-वे बिल, आईटीसी, लाइसेंस निरस्तीकरण के नियमों पर कारोबारियों ने आपत्ति जताई है। शुक्रवार को वाराणसी व्यापार मंडल के कारोबारियों की हुई बैठक में व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि जीएसटी के नियमों को सरल और तर्कसंगत किया जाए, जिससे कि व्यापार करने में सहूलियत हो सके।
अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा ने कहा कि 86बी का जो आदेश जारी हुआ है उसमें सरकार ने आईटीसी इनपुट का 99 फीसदी ही इस्तेमाल करने के बारे में निर्देश व्यापार विरोधी और बाजार को परेशान करने वाला है। महामंत्री प्रमोद अग्रहरी ने ई-वे बिल में 24 घंटे के अंदर 200 किलोमीटर की दूरी तय करने की नए नियम का विरोध किया। कहा कि सड़कों पर जाम और शहरों की बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था के तहत पहले की तरह 100 किलोमीटर का ही एरिया मान्य किया जाए।
प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश निरंकारी ने आठ जीएसटी फाइलिंग की चार फाइलिंग और अलग-अलग कैश लेजर की जगह एक लेजर बनाने की मांग की। आईटी सेल अध्यक्ष संतोष सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा नियमों में लगातार परिवर्तन से सभी वर्ग परेशान हैं। जीएसटी अधिकारियों से भी वार्ता करने पर इसका समाधान नहीं हो पाता और नए नियम कानूनों का किसी को भी पूर्णता ज्ञान नहीं है। ऐसे में व्यापारी कहां जाएं। लाइसेंस कैंसिलेशन के अधिकारों के बारे में भी विसंगतियां हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा ने कहा कि 86बी का जो आदेश जारी हुआ है उसमें सरकार ने आईटीसी इनपुट का 99 फीसदी ही इस्तेमाल करने के बारे में निर्देश व्यापार विरोधी और बाजार को परेशान करने वाला है। महामंत्री प्रमोद अग्रहरी ने ई-वे बिल में 24 घंटे के अंदर 200 किलोमीटर की दूरी तय करने की नए नियम का विरोध किया। कहा कि सड़कों पर जाम और शहरों की बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था के तहत पहले की तरह 100 किलोमीटर का ही एरिया मान्य किया जाए।
विज्ञापन
प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश निरंकारी ने आठ जीएसटी फाइलिंग की चार फाइलिंग और अलग-अलग कैश लेजर की जगह एक लेजर बनाने की मांग की। आईटी सेल अध्यक्ष संतोष सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा नियमों में लगातार परिवर्तन से सभी वर्ग परेशान हैं। जीएसटी अधिकारियों से भी वार्ता करने पर इसका समाधान नहीं हो पाता और नए नियम कानूनों का किसी को भी पूर्णता ज्ञान नहीं है। ऐसे में व्यापारी कहां जाएं। लाइसेंस कैंसिलेशन के अधिकारों के बारे में भी विसंगतियां हैं।
विज्ञापन