शहर में बढ़ रहा वायु प्रदूषण, अधिकारी उदासीन
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शहर में वायु प्रदूषण का स्तर कम नहीं हो रहा है। दिवाली के बाद यह खतरनाक स्तर पर पहुंच गया था। बीच में स्थिति कुछ सुधरी लेकिन अब पीएम-10 और पीएम-2.5 का घनत्व बढ़ने लगा है। प्रदूषण रोकने में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड विफल रहा है। यहां के विभागीय अधिकारी ऊपर तक केवल पत्राचार तक ही सीमित हैं।
प्रदूषण को रोकने के मद्देनजर एडीएम की अध्यक्षता में टास्क फोर्स गठित की जानी है। दस दिनों में टास्क फोर्स अपना काम करेगी।
शहर की आबोहवा में जहर घुल रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक रविवार की शाम शहर में प्रदूषण का स्तर पीएम 10 -230, पीएम 2.5 -349 प्रति घन मीटर था।
इसे पचास से सौ के बीच होना चाहिए। दिवाली के बाद शहर की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित थी। दिवाली की अगली सुबह शहर के 13 विभिन्न स्थानों पर प्रदूषक तत्वों की जांच की कराई गई। इसमें पीएम 10 और पीएम 2.5 अनुमन्य मानकों की तुलना में 15 से 20 गुना पाए गए।
सोनारपुरा चौराहे पर पीएम 2.5 कण 990, पीएम 10 कण 687.9 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पाया गया था। लंका पर क्रमश: 432.6 और 482, गोदौलिया चौराहे पर 541.5 और 720.1 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पाया गया।
प्रदूषण विभाग ने शासन और प्रशासन को पत्र लिखकर रोकथाम में मदद करने को कहा था। पटाखे पर प्रतिबंध के साथ पुरानी डीजल गाड़ियों पर भी रोक लगाने की बात थी। अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं हो सका।