समाधान दिवस: 143 मामले आए, किशोर बोले- जंसा में खेल की जमीन को खाली कराएं; डीएम ने सुनी समस्याएं
Varanasi News: पिंडरा तहसील में डीएम सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में समाधान दिवस पर 143 मामले आए, जिनमें 9 का निस्तारण हुआ। डीएम ने लंबित मामलों के शीघ्र समाधान और भूमि विवादों में पुलिस-राजस्व की संयुक्त कार्रवाई के निर्देश दिए। राजातालाब में 6 साल पुराने आदेश का पालन न होने की शिकायतें भी सामने आईं।
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Varanasi News: डीएम सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को पिंडरा तहसील में समाधान दिवस पर 143 मामले आए, जिसमें से 9 का मौके पर निस्तारण हुआ। शेष मामलों को संबंधित विभाग के अधिकारियों को हस्तांतरित करते हुए जिलाधिकारी ने समय सीमा के अंदर समाधान के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने भूमि विवाद संबंधी मामलों को पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम की ओर से सत्यापन कर मामले को निस्तारित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि समस्याओं के निस्तारण में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी जन समस्याओं को गंभीरतापूर्वक लें या कार्रवाई के लिए तैयार रहें। पुलिस और राजस्व से जुड़ी समस्याओं पर डीएम ने कहा कि प्राथमिक स्तर पर ही लोगों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करें, ताकि लोगों को भटकना न पड़े। इस मौके पर एसडीएम पिंडरा प्रतिभा मिश्रा समेत अन्य मौजूद रहे।
6 साल बाद भी एसडीएम के आदेश का अनुपालन नहीं
राजातालाब तहसील में शनिवार को समाधान दिवस में ऊपरवार गांव के निवासी श्याम सुंदर सरोज ने कहा कि 6 साल भी उनके मामले में उप जिलाधिकारी राजातालाब के आदेश का अनुपालन नहीं हुआ। लिहाजा 2018 में राजस्व निरीक्षक की पैमाइश रिपोर्ट धरातल पर नहीं उतर पाई है।
श्याम सुंदर सरोज ने भूमि को लेकर नापी और मेड़बंदी का प्रार्थना पत्र दिया था। करसड़ा के छोटेलाल ने शिकायत की कि परिवार में बंटवारे का मुकदमा चल रहा है। फिर भी कुछ लोग उस स्थान पर नवनिर्माण करने को आमादा है जिसे रोकने की जरूरत है। मटुका गांव के लाल बहादुर ने गांव के चकमार्ग से अतिक्रमण को हटाने की मांग की।
उनका कहना था कि चक मार्ग की भूमि की पैमाइश कर उस पर से अतिक्रमण हटाया जाए जबकि विजय बहादुर ने अपनी भूमि की रकबा के पैमाइश के लिए प्रार्थना पत्र दिया। चौखंडी की मीरा देवी ने कहा कि जिस भूमि को वह दो दशक से जोत बो रही हैं उस पर विपक्षी जबरदस्ती कब्जा कर रहे हैं और उन्हें बेदखल कर दिया है। जंसा गांव से आए कई किशोरों ने अपने गांव की खेल की भूमि को कब्जा मुक्त करने की मांग की। सभा कक्ष में फर्श पर बैठ गए। एसडीएम ने युवकों से उनकी समस्या पूछी। लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को भेजा।