यात्रा होगी आसान: काशी-कोलकाता को जोड़ेगा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे, 575 किमी लंबे 8 लेन रोड के लिए सर्वे जारी
भारत माला परियोजना के तहत जलमार्ग के साथ ही सड़क मार्ग से वाराणसी-कोलकाता की कनेक्टिविटी मजबूत की जाएगी। रूट तय होने के बाद अब 575 किमी लंबी इस परियोजना की लागत के लिए सर्वे कराया जा रहा है।
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कोलकाता को देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी से जलमार्ग से जोड़ने के बाद अब सड़क मार्ग से कनेक्टिविटी मजबूत करने की पहल शुरू हो गई है। वाराणसी-चंदौली सीमा पर रिंग रोड-2 के पैकेज-2 से यह परियोजना लिंक होगी और पूर्वांचल से कोलकाता के जुड़ाव को और मजबूत करेगी।
इसके अलावा इस परियोजना को रामनगर में बने मल्टीमोडल टर्मिनल से भी जोड़ने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। भारत माला परियोजना के तहत जलमार्ग के साथ ही सड़क मार्ग से कोलकाता की कनेक्टिविटी मजबूत की जाएगी।
वाराणसी और चंदौली के गांवों में जमीन चिह्नित
सड़क परिवहन मंत्रालय की इस परियोजना की डीपीआर तैयार की जा रही है। इसमें रूट तय होने के बाद अब 575 किमी लंबी इस परियोजना की लागत के लिए सर्वे कराया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सर्वे में वाराणसी और चंदौली के करीब तीन दर्जन गांवों में जमीन चिह्नित की गई है। अधिकारियों के मुताबिक इस परियोजना की डीपीआर अप्रैल तक सड़क परिवहन मंत्रालय को सौंपी जाएगी। वहां से मंजूरी के बाद आगे की पहल की जाएगी। यहां बता दें कि नया ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे आठ लेन का होगा।
नए एक्सप्रेसवे से इन शहरों का होगा सीधा संपर्क
इसके बनने से वाराणसी होते हुए बिहार, झारखंड और बंगाल पहुंचना आसान हो जाएगा। काशी-कोलकाता नए एक्सप्रेसवे से चंदौली, भभुआ, सासाराम, औरंगाबाद, बोकारो, रांची, पुरुलिया का सीधा संपर्क हो जाएगा। इसके अलावा बिहार से होकर पटना, कोलकाता और गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे भी प्रस्तावित है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक आरएस यादव ने कहा कि वाराणसी-कोलकाता आठ लेन सड़क की डीपीआर तैयार की जा रही है। इसके लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के रूट पर सर्वे कराया गया है। लागत के लिए तकनीकी टीम काम कर रही है। जल्द ही डीपीआर सड़क परिवहन मंत्रालय को सौंप दी जाएगी।
वाराणसी से कोलकाता की दूरी 6 से 7 घंटे में
एनएचएआई की इस परियोजना के बाद पूर्वांचल सड़कों की जाल से पूरी तरह घिर जाएगा। वर्तमान में प्रयागराज और लखनऊ के सिक्स लेन जुड़ाव के चलते दिल्ली का सफर आसान है। अब कोलकाता तक आठ लेन की सड़क के बाद वाराणसी नए औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरेगा। इस आठ लेन के एक्सप्रेसवे के बनने से वाराणसी से कोलकाता की दूरी महज 6 से 7 घंटे में पूरी होगी।