UP : वाराणसी में बनाया ग्रीन कॉरिडोर, 39 मिनट में तय की 30 किलोमीटर की दूरी; एयरपोर्ट से अस्पताल पहुंची मरीज
Varanasi News : कोलकाता निवासी युवती ने फोन पर सीपी से बातचीत की थी। साढ़े चार घंटे में उसके आंटी का बैक्टीरियोफेज कॉकटेल सैंपल लेकर कोलकाता पहुंचना था। सीपी ने ही ग्रीन काॅरिडोर बनवाने का भरोसा जताया था।
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कोलकाता स्थित एक अस्पताल की आईसीयू में भर्ती 73 वर्षीय महिला की मदद के लिए पुलिस ने रविवार को बाबतपुर एयरपोर्ट से बीएचयू अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया। 30 किलोमीटर की दूरी 39 मिनट में तय की है।
बीएचयू से बाबतपुर एयरपोर्ट की दूरी 37 मिनट में तय हो गई। इस कारण मरीज को समय से दवा मिल गई। सामान्य तौर पर एयरपोर्ट से बीएचयू की दूरी 1.15 घंटे में तय होती है। इतना ही समय बीएचयू से एयरपोर्ट जाने में लगता है।
ये है मामला
कोलकाता के लाला लाजपत राय सरानी की सुमन बनर्जी ने रविवार को मोबाइल फोन के जरिये पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल से संपर्क साधा। सुमन ने बताया कि उनकी आंटी ज्योत्सना चटर्जी कोलकाता स्थित एक अस्पताल की आईसीयू में वेंटिलेटर पर हैं।
इलाज के लिए उनका सैंपल बीएचयू अस्पताल में रिसीव कराना है। इसके बाद बीएचयू अस्पताल से बैक्टीरियोफेज कॉकटेल सैंपल लेकर कोलकाता स्थित अस्पताल आना है। डॉक्टरों ने सैंपल लाने की समयसीमा साढ़े चार घंटे तय की है। ऐसा नहीं हुआ तो आंटी को बचा पाना मुश्किल होगा।
इस पर पुलिस आयुक्त ने एडीसीपी ट्रैफिक को ग्रीन कॉरिडोर बनवाने और सुमन की हर संभव मदद कराने का भरोसा दिलाया। सुमन कोलकाता की फ्लाइट से बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंची थीं, फिर विमान से कोलकाता चली गईं।
तीन टीआई और क्यूआरटी ने सफर तय कराया
एडीसीपी ट्रैफिक राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि कोलकाता से आई सुमन के वाहन के आगे क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) की जिप्सी लगाई गई। तीन टीआई लगाए गए। ग्रीन कॉरिडोर की वजह से बाबतपुर से बीएचयू आने में 39 मिनट और बीएचयू से बाबतपुर पहुंचने में 37 मिनट का समय लगा।
बाबतपुर एयरपोर्ट से हरहुआ, तरना, गिलट बाजार, सेंट्रल जेल, लहरतारा, मंडुवाडीह, सुंदरपुर, नरिया से लंका होते हुए बीएचयू का रूट आवागमन के लिए तय किया गया। कैंट, मंडुवाडीह और लंका सर्किल के यातायात निरीक्षक (टीआई) को रूट खाली कराने के लिए निर्देशित किया गया।
कोलकाता पहुंचने के बाद की वाराणसी पुलिस की तारीफ
कोलकाता पहुंचने और आंटी से संबंधित सैंपल डॉक्टरों को देने के बाद सुमन ने वाराणसी पुलिस की तारीफ की। कहा कि पुलिस आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लिया। जो काम असंभव लग रहा था, उसे संभव बना दिया। बाधा के बगैर बीएचयू और एयरपोर्ट पहुंचा दिया।