Varanasi News: सरकारी काम में लापरवाही बरतने पर दो ग्राम विकास अधिकारी समेत चार सस्पेंड, पढ़ें- पूरा मामला
Varanasi News: सरकारी काम में लापरवाही करने पर दो ग्राम विकास अधिकारी समेत चार को सस्पेंड किया गया। सबसे पहले, विकास खंड हरहुआ के क्लस्टर-आयर, ग्राम पंचायत अधिकारी संजय कुमार यादव को निलंबित किया गया।
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सरकारी काम में लापरवाही और ढिलाई बरतने पर जिला पंचायती राज अधिकारी आदर्श ने चार ग्राम विकास और ग्राम पंचायत अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। ग्राम पंचायतों में स्वच्छता, विकास कार्य और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को न निभाने के आरोप सिद्ध पाए गए। सबसे पहले, विकास खंड हरहुआ के क्लस्टर-आयर, ग्राम पंचायत अधिकारी संजय कुमार यादव को निलंबित किया गया है।
आरोप है कि वह अपनी आवंटित ग्राम पंचायतों में उपस्थिति दर्ज नहीं करते और न ही किसी बैठक में शामिल होते हैं। सुतबलपुर में पौधरोपण नहीं कराया गया, न ही रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के लिए स्थल का चयन किया गया। ग्राम पंचायत जैपार और सुतबलपुर में अमृत सरोवर का निर्माण अधूरा पड़ा है। जैपार में आंगनबाड़ी भवन का निर्माण भी पूरा नहीं हुआ। उन्होंने पूर्ववर्ती ग्राम पंचायतों का चार्ज भी संबंधित सचिवों को नहीं सौंपा।
इस लापरवाही को देख उन्हें निलंबित कर कंट्रोल रूम, विकास भवन से संबद्ध कर दिया गया है। दूसरे मामले में विकासखंड हरहुआ के ग्राम पंचायत रस्सीपट्टी की ग्राम पंचायत अधिकारी सीमा सिंह को निलंबित किया गया है। आरोप है कि अजीत कुमार पांडे नाम के आवेदन के बावजूद उन्होंने मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं किया।
इस लापरवाही के बाद जिला पंचायती राज अधिकारी ने उन्हें निलंबित कर दिया और कंट्रोल रूम, विकास भवन से संबद्ध किया गया। तीसरे मामले में विकासखंड चिरईगांव के ग्राम पंचायत गिरधरपुर के ग्राम विकास अधिकारी अनिल कुमार को निलंबित किया गया है।
उन्होंने साफ-सफाई, फॉगिंग और एंटी लार्वा छिड़काव का कार्य नहीं कराया, जिससे गांव में संक्रामक बीमारियां फैल गईं। दो युवतियों की मौत हो गई और सात लोग अस्पताल में भर्ती हुए। समय पर हैंडपंपों को रिबोर भी नहीं कराया।
इस गंभीर लापरवाही पर उन्हें निलंबित कर विकास खंड काशी विद्यापीठ से संबद्ध किया गया है। चौथे मामले में चोलापुर ब्लॉक के ग्राम विकास अधिकारी जयप्रकाश मौर्य को निलंबित किया गया है। बार-बार निर्देश देने के बावजूद गोशालाओं में साफ-सफाई, भूसा और बीमार पशुओं के लिए अलग से सेट का निर्माण नहीं कराया। निर्देशों की अनदेखी और कार्यों में शिथिलता के चलते उन्हें निलंबित कर विकासखंड पिंडरा से संबद्ध किया गया है।