फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Govindacharya said, I will strive for Kailash Mansarovar throughout my life

गोविंदाचार्य बोले, जीवन भर करूंगा कैलाश मानसरोवर के लिए प्रयास, यह देश के स्वाभिमान का प्रश्न

Sun, 20 Sep 2020 08:03 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Sun, 20 Sep 2020 08:03 PM IST
विज्ञापन
Govindacharya said, I will strive for Kailash Mansarovar throughout my life
कार्यक्रम में गोविंदाचार्य - फोटो : अमर उजाला

प्रसिद्ध चिंतक-विचारक गोविंदाचार्य ने कहा कि विकास नीतियों को मानव केंद्रित करने के बजाय प्रकृति केंद्रित बनानी चाहिए। हमें समाज के उस व्यापकता को ही केंद्र में रहकर प्रकृति केंद्रित नीतियां बनाने की जरूरत हैं। समाज में तकनीक के बढ़ते दुष्प्रभावों को रोकने के लिए ढांचा बनाना समय की मांग है। वह रविवार को वेद भवन में आयोजित परिचर्चा को संबोधित कर रहे थे। 

विज्ञापन


श्री काशी विश्वनाथ मुक्ति महापरिषद की ओर से आयोजित परिचर्चा के दौरान गोविंदाचार्य ने कहा कि कैलाश मानसरोवर पुन: भारत का हिस्सा बने इसके लिए प्रयास होने चाहिए। यात्रा के दौरान उन्होंने कैलाश मानसरोवर को पुन: भारत में शामिल करने का संकल्प लेते हुए कहा कि शेष जीवन इसके लिए प्रयास करूंगा। समाज और सरकार को भी इस दिशा में प्रयास करना चाहिए। यह भारत के स्वाभिमान का प्रश्न है।
विज्ञापन


वैश्वीकरण की चर्चा करते हुए गोविंदाचार्य ने कहा कि वैश्वीकरण भारत ही नहीं दुनिया के लिए उपयुक्त नहीं है यह पिछले ढाई दशकों में स्पष्ट हो गया है। इससे बाजारवाद बढ़ा है समाज पीछे चला गया है। बाजार ने मानव को प्रमुखता दी है प्रकृति का शोषण बढ़ा है। उन्होंने कहा कि समाज, राज सत्ता और अर्थ सत्ता से ज्यादा व्यापक है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

गोविंदाचार्य ने समाज और राजनीति में तकनीकी, विशेष रूप से संचार तकनीक के बढ़ते दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए कहा कि यह भष्मासुर हो गया है। इस पर नियंत्रण के लिए कोई नियामक ढांचा बनाने की जरूरत है। कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. मृदुल मिश्र और सत्यशील चतुर्वेदी ने अतिथियों का स्वागत किया।

राम नाम आर्ट की कलाकार शालिनी मिश्र ने गोविंदाचार्य को राम नाम से बना भगवान शंकर का चित्र भेंट किया। नमामि गंगे से जुड़े राजेश शुक्ल ने अंगवस्त्रम भेंट किया। कार्यक्रम में अनिल शास्त्री, अनिल पाल, अनिल केशरी मौजूद रहे।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed