कालीन नगरी भदोही में बुधवार शाम कालीन निर्यातकों ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का भव्य स्वागत किया। सुबह से ही ऑल इंडिया कारपेट मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन (एकमा) के पदाधिकारी उनके स्वागत की तैयारियों में लगे रहे। शाम 3.40 बजे कालीन भवन पहुंची राज्यपाल एक घंटे तक यहां रहीं। उन्होंने भदोही के कालीनों, यहां के बुनकरों के हुनर की प्रशंसा करते हुए कहा कि बुनकर और हस्तशिल्पी भारत की सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
राज्यपाल ने उद्यमियों को दी नसीहत, बालश्रम का इस्तेमाल कर कालीन उद्योग की चमक को फीका मत करिएगा
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प्रोटोकॉल तोड़कर बड़े शिव धाम पहुंचीं राज्यपाल
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल बुधवार को प्रोटोकॉल से इतर अचानक भदोही जिले के गोपीगंज स्थित बड़े शिव धाम पहुंच गईं। कुछ भाजपा नेताओं और शिव परिवार के आग्रह पर बड़े शिवधाम पहुंचीं राज्यपाल ने सवा लाख दीपों से महादेव की आरती की। इस दौरान बड़े शिव धाम को पर्यटन स्थल का दर्जा देने और पर्यटन मानचित्र में शामिल करने की मांग की गई।
शिव परिवार के अलावा भाजपा नेता डॉ. अजय शुक्ला ने जौनपुर के विधायक रमेश मिश्र के साथ मंगलवार को पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में पहुंचीं राज्यपाल से मुलाकात कर भदोही दौरे के दौरान बड़े शिव धाम पर पहुंचने का भी आग्रह किया था। इस पर राज्यपाल ने उन्हें आश्वस्त किया था। मगर बड़े शिव धाम पर जाने की सूचना राज्यपाल के प्रोटोकॉल में नहीं थी।
कठौता में स्मृति द्वार उद्घाटन के बाद राज्यपाल ने बड़े शिवधाम जाने की इच्छा जता दी और सीधे मंदिर परिसर में पहुंच गईं। वहां शिव परिवार के दीपक मोदनवाल, रिंकू मिश्रा, अश्विनी अग्रवाल, विनोद शुक्ला आदि ने उन्हें धार्मिक स्थल के बारे में जानकारी दी। राज्यपाल ने सवा लाख दीपों से शिव जी की आरती की।
भाजपा नेता गगन गुप्ता ने बड़ेशिव मंदिर के सुंदरीकरण और जीर्णोद्धार की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। उनकी मुख्य मांगों में बड़े शिव को पर्यटन स्थल का दर्जा और पर्यटन मानचित्र में स्थान देने, परिसर में स्थित सरोवर के चारों ओर पक्के तालाब का निर्माण, परिसर की सुरक्षा के लिए चहारदीवारी का निर्माण, परिसर में स्थित मार्गों को पक्का बनाने और मंदिर परिसर की आकर्षक साज-सज्जा की मांगें शामिल थीं। इस मौके पर शिव परिवार के लोग मौजूद थे।
शीघ्र छंट जाएंगे मंदी के बादल
भदोही। कालीन उद्यमियों ने राज्यपाल से उद्योग में मंदी की बात नहीं की, लेकिन अपने संबोधन में राज्यपाल ने लोगों के दर्द को महसूस किया। उन्होंने कहा कि मंदी जरूर है, लेकिन भारत में नहीं है बल्कि पूरे विश्व मे है। हम आशा करते हैं अतिशीघ्र मंदी के बादल छंट जाएंगे और परिस्थितियां बदलेंगी।
उन्होंने उद्यमियों से कहा कि यह न भूलें कि आपकी कालीन महंगे होते हैं। और एक बार किसी ने खरीद लिया तो वर्षों चलता है। इसलिए सस्तें उत्पाद बनाने के साथ साथ उन्हें आकर्षक बनाएं। कहा कि विश्व भ्रमण के दौरान लोगों की पसंद और ट्रेंड का ख्याल रखें और वैश्विक मांग के अनुरूप ही कालीन बनाएं।
बतौर स्मृति चिह्न भेंट की कालीन
कार्यक्रम समापन होने से पहले एकमा पदाधिकारियों ने राज्यपाल को भदोही की बनी कालीन बतौर स्मृति चिह्न भेंट की। पदाधिकारियों ने उच्चकोटी की हस्तनिर्मित कालीन अपने हांथ से खोल कर एकमा सभागार में उन्हें दिखाया, जिसे देख कर भदोही के शिल्पियों के हुनर की तारीफ किए बगैर नहीं रह सकीं।
कार्यक्रम समापन के बाद राज्यपाल औराई रोड होते हुए दुलमदासपुर स्थित जाबिर बाबू अंसारी के कालीन प्रतिष्ठान भी गईं जहां उन्होंने कालीन बुनाई से लेकर कालीन की तैयारी की पूरी प्रक्रिया से रूबरू हुई। उन्होंने बुनकरों और मजदूरों की दक्षता की प्रसंशा की।
50 लाख से बनेगा धर्मशाला और बारात घर
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल बीडी मिश्र के आवास कठौता में बुधवार को सूबे की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के सामने ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र ने पं. जगन्नाथ मिश्र के नाम पर धर्मशाला और बारात घर बनवाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि डॉ. बीडी मिश्र जिले के ही नहीं देश की धरोहर है। देश की सीमाओं पर रहकर उन्होंने कई युद्ध में दुश्मनों को धूल चटाई।
उनके पिता पंडित जगन्नाथ मिश्र ने भी समाज में काफी काम किया। ज्ञानपुर विधायक ने बताया कि विंध्याचल धाम में एमएलसी रामलली मिश्र की निधि से 25 लाख का पं. जगन्नाथ मिश्र धर्मशाला बनाया जाएगा। इसी तरह कठौता गांव में विधायक निधि से एक वाचनालय या बारात घर बनेगा। मिर्जापुर पुल पर बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक, केएनपीजी कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा और अन्य समस्याएं भी उठाईं।