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सरकारी विद्यालयों में समय से नहीं मिल पायेगी ‘बबुआ’ को किताबें व ड्रेस
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 29 Jun 2017 01:41 AM IST
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स्कूल ड्रेस
- फोटो : file
बेसिक शिक्षा विभाग लाख कोशिश कर ले लेकिन प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में एक जुलाई से किताबों का वितरण मुश्किल है। बच्चों को किताबों के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। किताबें तो उन्हें वक्त से नहीं मिल पाएंगी, यूनिफार्म के वितरण पर भी संशय है।
प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों का सत्र यूं तो अप्रैल से शुरू हो चुका है, लेकिन ग्रीष्मावकाश के बाद एक जुलाई से स्कूल खुल रहे हैं। शिक्षा की गुणवत्ता के लिए ये भी जरूरी है कि स्कूलों में वक्त से पढ़ाई शुरू हो।
इसके लिए पाठ्यपुस्तकों का वक्त से वितरण भी जरूरी है। अप्रैल में जब सत्र शुरू हुआ था उस वक्त बच्चों को पुरानी पुस्तकें ही वितरित कर दी गई थी। उधर प्रदेश सरकार का पूरा जोर है कि एक जुलाई से इन विद्यालयों में किताबों और यूनिफार्म का वितरण शुरू हो जाए।
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स्कूल खुलने में अब सिर्फ दो दिन का वक्त रह गया है लेकिन अब तक विभाग की ओर से किताबें ही नहीं आ पाईं हैं। कक्षा एक से आठ तक में से एक कक्षा छह की तीन किताबें अभी रांची से चली हैं। अन्य कक्षाओं की किताबों का कोई पता नहीं है।
ऐसे में जाहिर है तय वक्त तक बच्चों के हाथों में किताबें नहीं पहुंच पाएंगी। हालांकि विभाग का पूरा दावा है कि स्कूलों में एक जुलाई से यूनिफार्म और पाठ्य पुस्तकों का वितरण शुरू करा दिया जाएगा।
बीएसए जयकरन यादव का कहना है कि 15 जुलाई तक सभी स्कूलों में यूनिफार्म और किताबें वितरित कर दी जाएंगी।
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प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों का सत्र यूं तो अप्रैल से शुरू हो चुका है, लेकिन ग्रीष्मावकाश के बाद एक जुलाई से स्कूल खुल रहे हैं। शिक्षा की गुणवत्ता के लिए ये भी जरूरी है कि स्कूलों में वक्त से पढ़ाई शुरू हो।
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इसके लिए पाठ्यपुस्तकों का वक्त से वितरण भी जरूरी है। अप्रैल में जब सत्र शुरू हुआ था उस वक्त बच्चों को पुरानी पुस्तकें ही वितरित कर दी गई थी। उधर प्रदेश सरकार का पूरा जोर है कि एक जुलाई से इन विद्यालयों में किताबों और यूनिफार्म का वितरण शुरू हो जाए।
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स्कूल खुलने में अब सिर्फ दो दिन का वक्त रह गया है लेकिन अब तक विभाग की ओर से किताबें ही नहीं आ पाईं हैं। कक्षा एक से आठ तक में से एक कक्षा छह की तीन किताबें अभी रांची से चली हैं। अन्य कक्षाओं की किताबों का कोई पता नहीं है।
ऐसे में जाहिर है तय वक्त तक बच्चों के हाथों में किताबें नहीं पहुंच पाएंगी। हालांकि विभाग का पूरा दावा है कि स्कूलों में एक जुलाई से यूनिफार्म और पाठ्य पुस्तकों का वितरण शुरू करा दिया जाएगा।
बीएसए जयकरन यादव का कहना है कि 15 जुलाई तक सभी स्कूलों में यूनिफार्म और किताबें वितरित कर दी जाएंगी।
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अब सेल्फी संग शिक्षक बोलेंगे, यस सर...
अब प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों को सेल्फी के साथ अपनी उपस्थिति देनी होगी। शिक्षण के साथ विद्यालय परिसर की सफाई व्यवस्था भी दुरुस्त करने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापकों की होगी। बुधवार को ब्लॉक सभागार में आयोजित स्कूल प्रबंध समिति के अध्यक्षों और प्रधानाध्यापकों की कार्यशाला में ये बातें बीडीओ राजन राय ने कहीं।
बीडीओ ने बताया कि स्कूल खुलने के आधे घंटे के अंदर शिक्षकों को बच्चों के साथ अपनी सेल्फी लेकर प्रतिदिन खंड शिक्षा अधिकारी को भेजना होगा। इसमें लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्कूल परिसर और शौचालय की सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा।
बीईओ अशोक कुमार सिंह ने युनिफार्म वितरण, स्कूल चलो अभियान, पौधरोपण और एमडीएम पर अध्यक्षों और प्रधानाध्यापकों को विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही उन्होंने कहा कि जुलाई के प्रथम सप्ताह में अभियान चलाकर अमान्य विद्यालयों को कराया जाएगा।
बीडीओ ने बताया कि स्कूल खुलने के आधे घंटे के अंदर शिक्षकों को बच्चों के साथ अपनी सेल्फी लेकर प्रतिदिन खंड शिक्षा अधिकारी को भेजना होगा। इसमें लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्कूल परिसर और शौचालय की सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा।
बीईओ अशोक कुमार सिंह ने युनिफार्म वितरण, स्कूल चलो अभियान, पौधरोपण और एमडीएम पर अध्यक्षों और प्रधानाध्यापकों को विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही उन्होंने कहा कि जुलाई के प्रथम सप्ताह में अभियान चलाकर अमान्य विद्यालयों को कराया जाएगा।