मुर्गी पालन के लिए सरकार ने जारी किए 70 लाख रुपये, पालकों को बांटे जाएंगे खास नस्ल के चूजे
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भले ही वाराणसी में अंडे का उत्पादन बहुत कम है लेकिन खपत रोजाना करीब 15 लाख है। यह आंकड़ा पशु पालन एवं पशुचिकित्सा विभाग का है। प्रदेश सरकार अंडे की बढ़ती खपत को देखते यहां अंडा उत्पादन को बढ़ावा देने की तैयारी में है। इसके साथ ही किसानों को मुर्गी पालन के तहत बरेली के एक खाल नस्ल के चूजों को बांटने की तैयारी है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि मौजूदा समय जिले के सेवापुरी में 10-10 हजार अंडा उत्पादन क्षमता के दो पोल्ट्रीफार्म हैं। इनके अलावा 30 हजार मुर्गियों का एक फार्म हाउस आराजीलाइन में है। प्रदेश सरकार ने मुर्गी पालन को बढ़ावा देने के लिए दो योजनाएं शुरू की हैं।
10 हजार मुर्गियों के फार्म हाउस के लिए 70 लाख रुपये की योजना है। इसके लिए उत्पादन करने वाले के पास एक एकड़ जमीन होनी चाहिए। 21 लाख रुपये मार्जिन मनी के तौर पर अभ्यर्थी को खुद लगानी होगी। बाकी धन विभाग बैंक के जरिए उत्पादन करने वाले को ऋण दिलाएगा। ऋण दिलाने के पांच साल तक ब्याज सरकार देगी।
प्रदेश सरकार ने जिले में 9 यूनिट खोलने का लक्ष्य दिया है। इनमें दो को चालू करा दिया गया है। दो बैंक स्तर पर लंबित हैं। 5 लोगों ने आवेदन किया था। इसी प्रकार 30 हजार मुर्गियों फार्म हाउस के लिए 1.80 करोड़ रुपये की योजना है। इसके लिए उत्पादन करने वाले के पास तीन एकड़ जमीन होनी चाहिए।
63 लाख रुपये मार्जिन मनी लगानी होगी। बाकी धन विभाग बैंक से ऋण दिलाएगा। इनके लिए भी ऋण दिलाने के पांच साल तक ब्याज सरकार देगी। इसकी चार नई यूनिटें खोली जाएंगी। साथ ही मुर्गी पालकों में बरेली की 'कैरी देवेंद्रा' नस्ल के चूजों को भी किसानों में बांटा जाएगा। जिससे मुर्गी पालकों को कम मुर्गियों में ज्यादा फायदा होगा।