{"_id":"6700cd6f340b79dad30b6218","slug":"government-children-home-missing-children-sent-home-with-help-of-aadhar-card-in-varanasi-2024-10-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"'आधार' बना वरदान: राजकीय बालगृह के 74 में से 25 बच्चों को आधार कार्ड ने पहुंचाया घर, ऐसे मिल रही मदद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'आधार' बना वरदान: राजकीय बालगृह के 74 में से 25 बच्चों को आधार कार्ड ने पहुंचाया घर, ऐसे मिल रही मदद
Sat, 05 Oct 2024 10:54 AM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Sat, 05 Oct 2024 10:54 AM IST
सार
वाराणसी में राजकीय बालगृह में 74 गुमशुदा बच्चों में से 25 बच्चों को उनके घर पहुंचाया गया। बच्चों को घर पहुंचाने में आधार कार्ड मददगार बना। 11 और बच्चे जल्द घर जाएंगे। फिलहाल 49 गुमशुदा बच्चे यहां रह रहे हैं।
विज्ञापन
Aadhaar Card
- फोटो : Amar Ujala
-
- 1
-
Link Copied
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रामनगर में राजकीय बालगृह में 2024 से रह रहे 74 गुमशुदा बच्चों के लिए आधार कार्ड वरदान साबित हो रहा है। आधार की मदद से घर का पता लगाकर बच्चों को परिजनों से मिलवाया जा रहा है। मार्च में 25 बच्चों को उनके घर पहुंचाया गया। फिलहाल यहां 49 बच्चे रह रहे हैं। वहीं, 11 और बच्चों के घर को चिह्नित कर लिया गया। ये बच्चे भी जल्द ही अपने माता-पिता के पास जा सकेंगे।
विज्ञापन
जिला बाल संरक्षण इकाई बच्चों का आधार कार्ड बनाने के लिए राजकीय बाल गृह में फिंगर वेरिफिकेशन कराता है। पहले से आधार बने होने की वजह से नया आधार नहीं बन पाता, लेकिन ये प्रक्रिया बच्चों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रही है।
विज्ञापन
राजकीय बाल गृह बच्चों के नाम और जानकारी जिला बाल संरक्षण इकाई को भेज देता है। इसके बाद इसे राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग लखनऊ ऑफिस को भेजा जाता है। फिर विभाग इन बच्चों के फिंगर प्रिंट के आधार पर परिवार वालों की खोज कर लेता है।
विज्ञापन
जिला प्रोबेशन अधिकारी सुधाकर शरण पांडेय ने बताया कि बालगृहों में आधार कैंप लगाया जाता है। ताकि बच्चों के घर का पता लगाया जा सके। साथ ही काउंसिलिंग और मैप के माध्यम से भी घर का पता लगाया जाता है। साथ ही विभाग और शासन के उच्च अधिकारी दौरा कर बच्चों से मुलाकात करते हैं। ताकि इनकी परेशानियों का दूर किया जा सके।