94 रंगरूटों ने खाई देश रक्षा की सौगंध: वाराणसी में हुई पासिंग आउट परेड, गोरखा जवानों को दी गई खुखरी
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जोश, जज्बे और 42 सप्ताह की कड़ी मेहनत के बाद 39 गोरखा ट्रेनिंग सेंटर के 94 रंगरूटों ने सोमवार को देश रक्षा की सौगंध ली। वाराणसी के छावनी परिसर स्थित कसम परेड ग्राउंड में पासिंग आउट के दौरान रंगरूटों ने पवित्र ग्रंथ गीता पर हाथ रखकर भारतीय संविधान में आस्था, देशभक्ति और भारतीय सेना में कर्तव्यनिष्ठा से सेवा करने का संकल्प लिया।
नेपाली संस्कृति के मुताबिक गोरखा जवानों को उनका मुख्य शस्त्र खुखरी भेंट किया गया। सशस्त्र कसम परेड की सलामी डिप्टी कमांडेंट कर्नल हितेश दुग्गल ने ली। 39 जीटीसी के कमांडिंग ऑफिसर ब्रिगेडियर हुकुम सिंह बैंसला (सेना मेडल) ने परेड के निरीक्षण के बाद सलामी ली।
हुकुम सिंह बैंसला ने कहा कि एक सैनिक को हमेशा अनुशासन, अपनी फिटनेस और शस्त्र के सही से रखरखाव पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। विपरीत परिस्थिति में भी हौसला बुलंद रखना चाहिए और देशभक्ति के जज्बे से ओतप्रोत रहना चाहिए। अच्छी शिक्षा ग्रहण करने और रोजाना कुछ नया सीखने पर ध्यान देना चाहिए। कोरोना काल के दौरान पासिंग परेड में इस बार स्कूली बच्चों को भी शामिल किया गया था। पासिंग परेड देख बच्चे काफी उत्साहित रहे।
विभिन्न क्षेत्रों में दक्ष हुए जवान
प्रशिक्षण के दौरान बेस्ट इन फाइरिंग यंग राइफलमैन, बीके बेस्ट इन कॉम्बेट ओबेस्टिकल कोर्स यंग राइफलमैन कपिल कुंवर व ले. कपाडिया ट्राफी भी प्रदान की गई। बेस्ट इन टेक्टीक्स यंग राइफलमैन निखिल थापा, बेस्ट इन बीपीईटी यंग राइफलमैन सुमित थापा, बेस्ट इन बेनेट खुखरी फाइटिंग यंग राइफलमैन सनम श्रेष्ठा, बेस्ट इन ड्रिल यंग राइफलमैन मनोज महरंगी, मगर द्वितीय ऑल राउंड बेस्ट का जनरल एम के लहरी मैडल यंग राइफलमैन सनोद, मगर आल राउंड बेस्ट की गौरव तलवार यंग राइफलमैन माधव कुमाल को प्रदान किया गया।