{"_id":"602808d88ebc3ee9620c4674","slug":"go-to-other-districts-if-you-want-to-do-x-rays-varanasi-news-vns5745113140","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक्सरे कराना हो तो जाइए दूसरे जिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक्सरे कराना हो तो जाइए दूसरे जिले
विज्ञापन
जिला महिला अस्पताल में चिकित्सक के अभाव में बंद पड़ा अल्ट्रासाउंड कक्ष।
- फोटो : MAU
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ। रेडियोलाजिस्ट का पद खाली होने से सदर और महिला अस्पताल में सिटी स्कैन और एक्सरे नहीं हो रहा है। इसके चलते मरीजों को अधिक पैसे देकर निजी पैथालॉजी सेंटरों में जांच करानी पड़ रही है। सबसे अधिक परेशानी मेडिको लीगल के मामले में हो रही है। दुर्घटना या मारपीट के मामले में आए घायलों को सिटी स्कैन आजमगढ़ और एक्सरे के लिए बलिया रेफर किया जाता है जबकि इलाज जिला अस्पताल में किया जाता है। हालांकि जिले के फतेहपुर मंडाव, रतनपुुरा और मुहम्मदाबाद गोहना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टेेली रेडियोलाजी से मरीजों की जांच की जा रही है लेकिन इसकी जांच मेडिकोलीगल में मान्य नहीं है।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन 300 से 400 मरीज उपचार कराने पहुंचते हैं। इसमें 100 से 120 मरीज ऐसे होते हैं जिनकी सिटी स्कैन, एक्सरे, अल्ट्रासांउड जांच की जरूरत होती है। तीस-चालीस मरीज मेडिको लीगल बारे में होते हैं। जिला अस्पताल में जून 2018 से ही रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली है। यहां रेडियोलाजिस्ट ओपी शर्मा थे जिनका ट्रांसफर होने के बाद किसी की तैनाती नहीं हुई। जिला महिला अस्पताल में मार्च 2020 से रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त है। यहां डॉ. एसडी गौतम संविदा पर रेडियोलॉजिस्ट थे। उनकी सेवा अवधि पूरी होने के बाद किसी की तैनाती नहीं हुई। अस्पतालों में आने वाले मेडिको लीगल वाले मरीजों को सिटी स्कैन के लिए आजमगढ़ और एक्सरे के लिए बलिया रेफर किया जाता है। जबकि चिकित्सकों के परामर्श के बाद गर्भवती महिलाओं को निजी पैथालॉजी सेंटर में अधिक पैसे देकर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ता है। महिला अस्पताल में प्रतिदिन आने वाली गर्भवती महिलाओं 100 से 130 ऐसी होती हैं जिनकी अल्ट्रासाउंड कराने की जरूरत होती है। निजी लैब में अल्ट्रासाउंड कराने का शुल्क 600 रुपये है जिससे गरीब महिलाओं को परेशानी होती है।
रेडियोलॉजिस्ट की कमी को देखते हुए शासन ने टेली रेडियोलॉजी की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिया था। इसके तहत फतेहपुर मंडाव, रतनपुुरा तथा मुहम्मदाबाद गोहना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टेेली रेडियोलॉजी से मरीजों की जांच की जा रही रही है लेकिन यह जांच मेडिको लीगल में मान्य नहीं है। इन तीनों सीएचसी में प्रतिमाह एक हजार से ज्यादा मरीजों की टेलीरेडियोलॉजी के जरिया जांच की सुविधा मिल रही है।
विज्ञापन
कोट
रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए शासन को कई बार पत्र भेजा जा चुका है। टेली रेडियोलॉजी के जरिये जांच मेडिकोलीगल में मान्य नहीं हैै।- डॉ. बृजकुमार, सीएमएस, जिला अस्पताल
कोट
जिले के फतेहपुर मंडाव, रतनपुुरा तथा मुहम्मदाबाद गोहना सीएचसी में टेली रेडियोलॉजी से मरीजों को जांच की सुविधा मुहैया कराई जा रही है।- डॉ.सतीशचंद्र सिंह, सीएमओ
क्या है टेली रेडियोलॉजी
मऊ। टेली रेडियोलॉली के तहत स्थापित डिजिटल उपकरण के जरिये एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और एमआरआई जांच होती है। इसकी जांच रिपोर्ट इंटरनेट के माध्यम से इंटरनेट से जुड़े संबंधित रेडियोलॉजिस्ट के पास पहुंच जाती है। इसके बाद अनुबंधित रेडियोलॉजिस्ट रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद उपचार से संबंधित परामर्श देते हैं। मरजी अपनी जांच रिपोर्ट को ऑनलाइन वेबसाइट पर देख सकता है। जिले में टेली रेडियोलॉजी की सुविधा फतेहपुर मंडाव, रतनपुुरा तथा मुहम्मदाबाद गोहना सीएचसी में है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में प्रतिदिन 300 से 400 मरीज उपचार कराने पहुंचते हैं। इसमें 100 से 120 मरीज ऐसे होते हैं जिनकी सिटी स्कैन, एक्सरे, अल्ट्रासांउड जांच की जरूरत होती है। तीस-चालीस मरीज मेडिको लीगल बारे में होते हैं। जिला अस्पताल में जून 2018 से ही रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली है। यहां रेडियोलाजिस्ट ओपी शर्मा थे जिनका ट्रांसफर होने के बाद किसी की तैनाती नहीं हुई। जिला महिला अस्पताल में मार्च 2020 से रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त है। यहां डॉ. एसडी गौतम संविदा पर रेडियोलॉजिस्ट थे। उनकी सेवा अवधि पूरी होने के बाद किसी की तैनाती नहीं हुई। अस्पतालों में आने वाले मेडिको लीगल वाले मरीजों को सिटी स्कैन के लिए आजमगढ़ और एक्सरे के लिए बलिया रेफर किया जाता है। जबकि चिकित्सकों के परामर्श के बाद गर्भवती महिलाओं को निजी पैथालॉजी सेंटर में अधिक पैसे देकर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ता है। महिला अस्पताल में प्रतिदिन आने वाली गर्भवती महिलाओं 100 से 130 ऐसी होती हैं जिनकी अल्ट्रासाउंड कराने की जरूरत होती है। निजी लैब में अल्ट्रासाउंड कराने का शुल्क 600 रुपये है जिससे गरीब महिलाओं को परेशानी होती है।
विज्ञापन
रेडियोलॉजिस्ट की कमी को देखते हुए शासन ने टेली रेडियोलॉजी की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिया था। इसके तहत फतेहपुर मंडाव, रतनपुुरा तथा मुहम्मदाबाद गोहना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टेेली रेडियोलॉजी से मरीजों की जांच की जा रही रही है लेकिन यह जांच मेडिको लीगल में मान्य नहीं है। इन तीनों सीएचसी में प्रतिमाह एक हजार से ज्यादा मरीजों की टेलीरेडियोलॉजी के जरिया जांच की सुविधा मिल रही है।
विज्ञापन
कोट
रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए शासन को कई बार पत्र भेजा जा चुका है। टेली रेडियोलॉजी के जरिये जांच मेडिकोलीगल में मान्य नहीं हैै।- डॉ. बृजकुमार, सीएमएस, जिला अस्पताल
कोट
जिले के फतेहपुर मंडाव, रतनपुुरा तथा मुहम्मदाबाद गोहना सीएचसी में टेली रेडियोलॉजी से मरीजों को जांच की सुविधा मुहैया कराई जा रही है।- डॉ.सतीशचंद्र सिंह, सीएमओ
क्या है टेली रेडियोलॉजी
मऊ। टेली रेडियोलॉली के तहत स्थापित डिजिटल उपकरण के जरिये एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और एमआरआई जांच होती है। इसकी जांच रिपोर्ट इंटरनेट के माध्यम से इंटरनेट से जुड़े संबंधित रेडियोलॉजिस्ट के पास पहुंच जाती है। इसके बाद अनुबंधित रेडियोलॉजिस्ट रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद उपचार से संबंधित परामर्श देते हैं। मरजी अपनी जांच रिपोर्ट को ऑनलाइन वेबसाइट पर देख सकता है। जिले में टेली रेडियोलॉजी की सुविधा फतेहपुर मंडाव, रतनपुुरा तथा मुहम्मदाबाद गोहना सीएचसी में है।