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गाजीपुर: हेड कांस्टेबल की हत्या के मुख्य आरोपी पर लगेगा रासुका, 20 लोग गिरफ्तार
Mon, 31 Dec 2018 11:13 AM IST
shashikant misra
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,गाजीपुर
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Published by: shashikant misra
Updated Mon, 31 Dec 2018 11:13 AM IST
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हेड कांस्टेबल को कंधा देते एडीजी और आईजी
- फोटो : amar ujala
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गाजीपुर के कठवामोड़ पर जाम के दौरान निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा किए पथराव में हेड कांस्टेबल सुरेश प्रताप वत्स की मौत के मामले में रविवार को 20 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले की जांच एसपी सिटी प्रदीप दुबे को सौंप दी गई है। एडीजी पीवी रामाशास्त्री ने कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्य आरोपी के खिलाफ रासुका की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस लाइन स्थित सभा कक्ष में एडीजी ने पत्रकारों से कहा कि पीएम मोदी की सभा समाप्त होने के बाद करीमुद्दीनपुर थाना पुलिस के लौटने के दौरान थानाध्यक्ष को आदेश दिया गया था कि कठवामोड़ पुल के पास आरक्षण की मांग को लेकर निषाद पार्टी के लोगों ने जाम लगाया है, उन्हें समझा कर जाम समाप्त कराया जाए।
इस पर पुलिस वहां पहुंची और जाम समाप्त कराने के लिए लोगों को समझाने लगी। इसी बीच लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव में करीमुद्दीनपुर थाना पर तैनात हेड कांस्टेबल सुरेश प्रताप वत्स गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिससे उनकी मौत हो गई।
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उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट लगने से मौत का कारण स्पष्ट हुआ है। हत्या के मामले में नोनहरा थाना में 32 नामजद और डेढ़ सौ अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसके अलावा विभिन्न धाराओं में दो थाना क्षेत्र में चक्काजाम करने के मामले में साढ़े तीन सौ अज्ञात और चार नामजद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
हत्या के मामले में 11 और सुहबल व करंडा थाना क्षेत्र में चक्काजाम में करने के मामले में निषाद पार्टी के नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी को चिन्हित किया जा रहा है। उसके खिलाफ रासुका की कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस लाइन स्थित सभा कक्ष में एडीजी ने पत्रकारों से कहा कि पीएम मोदी की सभा समाप्त होने के बाद करीमुद्दीनपुर थाना पुलिस के लौटने के दौरान थानाध्यक्ष को आदेश दिया गया था कि कठवामोड़ पुल के पास आरक्षण की मांग को लेकर निषाद पार्टी के लोगों ने जाम लगाया है, उन्हें समझा कर जाम समाप्त कराया जाए।
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इस पर पुलिस वहां पहुंची और जाम समाप्त कराने के लिए लोगों को समझाने लगी। इसी बीच लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव में करीमुद्दीनपुर थाना पर तैनात हेड कांस्टेबल सुरेश प्रताप वत्स गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिससे उनकी मौत हो गई।
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उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट लगने से मौत का कारण स्पष्ट हुआ है। हत्या के मामले में नोनहरा थाना में 32 नामजद और डेढ़ सौ अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसके अलावा विभिन्न धाराओं में दो थाना क्षेत्र में चक्काजाम करने के मामले में साढ़े तीन सौ अज्ञात और चार नामजद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
हत्या के मामले में 11 और सुहबल व करंडा थाना क्षेत्र में चक्काजाम में करने के मामले में निषाद पार्टी के नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी को चिन्हित किया जा रहा है। उसके खिलाफ रासुका की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की हत्या कानून व्यवस्था के लिए दुर्भाग्यपूर्ण
हेड कांस्टेबल को श्रद्वांजलि देते एडीजी पीवी रामाशास्त्री
- फोटो : amar ujala
हेड कांस्टेबल सुरेश प्रताप वत्स की मौत के बाद रविवार को पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम करा कर परिजनों को सौंप दिया। पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद कांस्टेबल के पुत्र विनीत सिंह ने कहा कि यह कानून व्यवस्था के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है कि पुलिस वालों की ही हत्या हो जा रही है।
जब प्रदेश में पुलिस ‘अपनों’ की रक्षा नहीं कर पा रही है तो फिर जनता की सुरक्षा कैसे करेगी। भीड़ की कोई सूरत नहीं होती है। फिर भी मैं पुलिस से यह अपेक्षा करता हूं कि वह मेरे पापा के कातिलों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजेगी।
अभी तक मेरे या मेरी मां के पास सरकार द्वारा आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की कोई सूचना नहीं आई। समाचार पत्रों के माध्यम से परिवार के लोगों को सरकार द्वारा सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की जानकारी हुई।
जब प्रदेश में पुलिस ‘अपनों’ की रक्षा नहीं कर पा रही है तो फिर जनता की सुरक्षा कैसे करेगी। भीड़ की कोई सूरत नहीं होती है। फिर भी मैं पुलिस से यह अपेक्षा करता हूं कि वह मेरे पापा के कातिलों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजेगी।
अभी तक मेरे या मेरी मां के पास सरकार द्वारा आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की कोई सूचना नहीं आई। समाचार पत्रों के माध्यम से परिवार के लोगों को सरकार द्वारा सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की जानकारी हुई।