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गाजीपुर नाव हादसा: बाढ़ में डूबे पांच और लोगों के शव बरामद, मृतकों की संख्या हुई सात, गांव में मातम

Fri, 02 Sep 2022 12:03 PM IST
किरन रौतेला अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर Published by: किरन रौतेला Updated Fri, 02 Sep 2022 12:03 PM IST
सार

गाजीपुर के नाव हादसे में अब तक सात लोगों की मौत की खबर है। नाव पर सवार लापता पांच लोगों के शव गुरुवार को गोताखोरों ने घटनास्थल से ही बरामद कर लिए थे।

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Ghazipur Boat Accident Dead body of four out of five missing people found
विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गाजीपुर जिले के अठहठा गांव में बुधवार को यात्रियों से भरी नाव बाढ़ के पानी में पलटने से लापता पांच लोगों के शव भी गुरुवार को बरामद कर लिए गए। इस तरह हादसे में मरने वालों की संख्या सात हो गई। नौली से करीब 24 ग्रामीण जनरेटर चलित नाव से अठहठा गांव जा रहे थे। नाव कुछ आगे जाकर करीब पलट गई थी। उस दौरान 17 लोगों को बचा लिया गया था, जबकि शिव शंकर उर्फ डब्लू गौड़ और नगीना पासवान की मौत हो गई थी। पांच लोग लापता थे।

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गुरुवार सुबह से ही गांव के युवक लापता लोगों की तलाश में जुट गए। आठ बजे सत्यम गौड़ (14) और अमित पासवान (14) के शव बरामद हुए।  कुछ देर बाद संध्या पासवान (8) का शव मिला। सुबह 8.15 बजे पहुंची 34वीं वाहिनी पीएसी के गोताखोरों ने खुशहाल यादव (13) का शव बरामद किया।
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करीब 10 बजे वाराणसी से डिप्टी कमाडेंट रामभुवन यादव के नेतृत्व में पहुंची 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ की टीम ने दोपहर 1.45 बजे अलीशा (5) का शव बरामद किया। इस दौरान गांव में एडीएम अरुण सिंह, सेवराई एसडीएम राजेश प्रसाद चौरसिया, पूर्व ब्लाक प्रमुख मुकेश राय, एसपी ग्रामीण और जमानिया सीओ विजय आनंद शाही मौजूद रहे।

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दयाशंकर का इकलौता पुत्र और छोटे भाई की मासूम पुत्री हादसे की हुई शिकार
नाव हादसे में मृत खुशीहाल यादव अपने पिता दयाशंकर यादव का इकलौता पुत्र था। वहीं इनके छोटे भाई कमलेश यादव अर्ध सैनिक बल में तैनात हैं। इनकी पांच वर्षीय पुत्री अलीशा भी हादसे के दौरान अपने चचेरे भाई खुशीहाल यादव के साथ नाव पर सवार थी।

गांव में करूण-क्रंदन से मचा कोहराम
घटना स्थल से एक करके एक बच्चों का शव निकलते  ही लोग फफक पड़े। रोने बिलखने से गांव में कोहराम मच गया। हादसे से सात घरों पर दुखों का पहाड़ टूटा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कहने के बावजूद भी स्थानीय प्रशासन द्वारा मंझली नाव उपलब्ध कराई गई। अगर बड़ी नाव रहती तो शायद इस तरह की घटना नहीं हुई होती।

परिजनों को मिलेंगे चार-चार लाख रुपये

अठहठा गांव में नाव हादसे के दूसरे दिन गुरुवार तक सात शव पानी से निकाले गए। इसके साथ ही प्रशासन ने पीड़ित परिवारों की मदद के लिए रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज दिया है। इसमें दैविक आपदा के अंतर्गत छह परिवार के सात सदस्यों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

तहसील प्रशासन का कहना है कि अभी दैविक आपदा के तहत मदद मुहैया कराई जा रही है। इसमें किसान परिवार के पीड़ितों को कृषक दुर्घटना बीमा के तहत एक लाख रुपये की और मदद मुहैया कराई जाएगी। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। हालांकि इसमें समय लग सकता है। 

सड़क और पुलिया बनाने का आश्वासन

वहीं, हादसे के मुख्य कारणों में शामिल आवागमन की परेशानी को देखते हुए सड़क और पुलिया बनाने को लेकर सहमति बनी है। बाढ़ के कारण अठहठा गांव टापू बन जाता है। इससे ग्रामीणों को बड़ी परेशानी होती थी। इसको देखते हुए क्षेत्र के सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त की ओर से अठहठा गांव में सड़क और पुल निर्माण का आश्वासन दिया गया है। इस पर तहसील प्रशासन की ओर से ग्रामीणों से प्रस्ताव मंगाया गया है। एसडीएम ने कवायद शुरू करते हुए जल्द ही ग्रामीणों से प्रस्ताव भेजने को कहा है।   
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