वाराणसी : योग और आयुर्वेद को सटीक हथियार बनाकर कोरोनो से पाएं छुटकारा, होम आइसोलेशन के मरीज ले रहे इनका सहारा
डॉक्टरों की सलाह, लक्षणों पर रखें बारीक नजर, सजगता से नहीं पड़ेगी अस्पताल की जरूरत
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तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बीच योग और आयुर्वेद सटीक हथियार बन रहे हैं। वाराणसी में होम आइसोलेशन में ठीक होने वाले ज्यादातर मरीज भी इनका सहारा ले रहे हैं। उधर, चिकित्सक भी कोरोना में सजगता बरतने की सलाह दे रहे हैं। इसमें बुखार के साथ हर लक्षण पर बारीक नजर और ऑक्सीजन स्तर पर भी निगाह रखें। ऐसा करने वाले समय से स्वस्थ भी हो रहे हैं।
काशी कोविड रिस्पांस सेंटर से जुड़े चिकित्सक भी लगातार संक्रमित मरीजों से संपर्क कर उन्हें योग की सलाह दे रहे हैं। डॉक्टरों की टीम ने बताया कि ऑक्सीजन लेने की भारतीय पद्धतियों सहित कुछ परंपराएं बहुत कारगर हैं। दरअसल, एक अप्रैल से 22 अप्रैल तक करीब 24,744 मरीज संक्रमित हो चुके हैं। अहम बात यह है कि होम आइसोलेशन में 11,732 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। रोज हजार से 1500 लोग घर पर स्वस्थ हो रहे हैं। यह दर 92 फीसदी तक है।
केस-1
महावीर मंदिर के पास अपार्टमेंट में रहने वाले दंपती 12 अप्रैल को पॉजिटिव हुए। चिकित्सकों की मदद से दवा शुरू की और आयुर्वेद के काढे़ का उपयोग शुरू किया। योग भी शुरू किया। आठ दिन बाद दोनों स्वस्थ हो गए। उनका मानना है कि दवाओं के साथ आयुर्वेद के उपाय और योगा ने कोरोना से निपटने में मदद की।
केस-2
पहड़िया स्थित अशोक विहार में 55 वर्षीय व्यक्ति कोरोना संक्रमित हुए। तीन चार दिन बाद उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी। इसके बाद क्वारंटीन रूम की खिड़की और दरवाजे खोलकर पेट के नीचे तकिया लगाकर योग शुरू किया। दो दिन में उनकी सांस की समस्या ठीक हो गई।
केस- 3
लहरतारा की एक सोसाइटी में गर्भवती महिला संक्रमित हो गईं। चिकित्सकों ने उन्हें किसी तरह की दवा नहीं लेने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने काढ़ा, आयुर्वेदिक दवाएं और योग का सहारा लिया। बिना एलोपैथ दवाओं की मदद से उन्होंने कोरोना से जंग जीत ली।
केस-4
महमूरगंज के एक अधिवक्ता कोरोना संक्रमित होने के बाद योग, काढ़ा, भाप सहित अन्य आयुर्वेद उपाय करते रहे। 12 दिन बाद उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। इस दौरान उन्हें ऑक्सीजन की दिक्कत महसूस हुई, मगर वह लगातार घरेलू उपचार और योग करते रहे।
मरीज यह जरूर करें
पेट के बल सोना, पेट के नीचे तकिया रखकर योग
कमरे को प्राकृतिक हवा के लिए थोड़ा खुला रखना, प्राणायाम करना
श्वास नली साफ रखने के लिए भाप लेना
अजवाइन, कपूर के प्रयोग से श्वास नली को शुद्ध करना
आयुर्वेद काढ़ा का सुबह और शाम उपयोग करना
संक्रमण से निपटने के लिए प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना सबसे अहम होता है। चेस्ट संक्रमण में योग कारगार है। सबसे अहम बात है कि इनका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता। मरीज योग और आयुर्वेद का भी सहारा ले सकते हैं।-डा. मुकेश राय, चिकित्सक
अस्पताल से जाने वाले मरीजों को आयुर्वेद काढ़ा और योग की सलाह दी जा रही है। ऑक्सीजन की कमी से निपटने के लिए कई आयुर्वेदिक दवाएं हैं। कोरोना संक्रमित बिना घबराए लक्षण पर निगाह रखें। योग के साथ भाप जरूर लें। - डा. अजय गुप्ता, चिकित्सक, राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय