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जर्मन राष्ट्राध्यक्ष ने भारत में एक साथ कई धर्मों के लोगों के रहने पर जताया आश्चर्य
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 23 Mar 2018 02:06 PM IST
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बीएचयू में फ्रैंक वाल्टर स्टाइनमायर
- फोटो : अमर उजाला
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जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक वाल्टर स्टाइनमायर गुरुवार को एक दिन के दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने काशी में कई स्थानों पर भ्रमण किया।
कार्यक्रम के मुताबिक फ्रैंक वाल्टर स्टाइनमायर बीएचयू में आयोजित संवाद में पहुंचे। यहां पर उन्होंने छात्रों से पूछा क्या हिंदू ही काशी हिंदू विश्वविद्यालय में पढ़ते हैं। इस पर छात्रों ने जवाब दिया कि नहीं यहां हर जाति धर्म के छात्र पढ़ते हैं।
इस पर राष्ट्रपति ने कहा कि जर्मनी की मीडिया में दिखाया जाता है कि भारत में जातिगत भेदभाव बहुत अधिक है। हिंदू और मुस्लिम सहित अन्य धर्मों के बीच मतभेद अधिक हैं।
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बावजूद इसके इतने बड़े देश में एक साथ कई धर्मों के लोगों के रहने पर आश्चर्य जताया। भारत की एकता पर भी उन्होंने आश्चर्य जताया और उसके कायल हुए।
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कार्यक्रम के मुताबिक फ्रैंक वाल्टर स्टाइनमायर बीएचयू में आयोजित संवाद में पहुंचे। यहां पर उन्होंने छात्रों से पूछा क्या हिंदू ही काशी हिंदू विश्वविद्यालय में पढ़ते हैं। इस पर छात्रों ने जवाब दिया कि नहीं यहां हर जाति धर्म के छात्र पढ़ते हैं।
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इस पर राष्ट्रपति ने कहा कि जर्मनी की मीडिया में दिखाया जाता है कि भारत में जातिगत भेदभाव बहुत अधिक है। हिंदू और मुस्लिम सहित अन्य धर्मों के बीच मतभेद अधिक हैं।
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बावजूद इसके इतने बड़े देश में एक साथ कई धर्मों के लोगों के रहने पर आश्चर्य जताया। भारत की एकता पर भी उन्होंने आश्चर्य जताया और उसके कायल हुए।
स्वागत से अभिभूत नजर आए स्टाइनमायर
जर्मनी के राष्ट्रपति
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि गुरुवार को जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक वाल्टर स्टाइनमायर विशेष विमान से दोपहर 12.08 बजे बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे। बाबतपुर से लेकर होटल द गेटवे तक सैकड़ों की तादाद में बच्चों ने फ्रैंक वाल्टर स्टाइनमायर के स्वागत में सड़कों पर कतारबद्ध होकर झंडे लहराए।
स्काउट गाइड के बच्चों ने बैंड की धुन पर उन्हें सलामी दी। स्वागत-सत्कार से राष्ट्रपति स्टाइनमायर अभिभूत नजर आए। जर्मन राष्ट्राध्यक्ष सारनाथ गए और करीब एक घंटे तक रुके।
इस दौरान सारनाथ संग्रहालय के समीप मथुरा की टीम ने खजान सिंह के निर्देशन में मांगलिक अवसरों पर आयोजित होने वाला ‘बम रसिया’ पेश कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद उन्होंने होटल ताज में लंच किया। लंच करने के बाद बीचएयू में उन्होंने छात्रों से सीधा संवाद किया।
इसके बाद जर्मनी के राष्ट्रपति अस्सी घाट पर पहुंचे और वहां बजड़े से नौकायन करते हुए दशाश्वमेध घाट गए। यहां गंगा आरती देखकर बजड़े से ही अस्सी घाट पर लौटे। रात करीब आठ बजे वे दिल्ली के लिए रवाना हो ग्रए।
स्काउट गाइड के बच्चों ने बैंड की धुन पर उन्हें सलामी दी। स्वागत-सत्कार से राष्ट्रपति स्टाइनमायर अभिभूत नजर आए। जर्मन राष्ट्राध्यक्ष सारनाथ गए और करीब एक घंटे तक रुके।
इस दौरान सारनाथ संग्रहालय के समीप मथुरा की टीम ने खजान सिंह के निर्देशन में मांगलिक अवसरों पर आयोजित होने वाला ‘बम रसिया’ पेश कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद उन्होंने होटल ताज में लंच किया। लंच करने के बाद बीचएयू में उन्होंने छात्रों से सीधा संवाद किया।
इसके बाद जर्मनी के राष्ट्रपति अस्सी घाट पर पहुंचे और वहां बजड़े से नौकायन करते हुए दशाश्वमेध घाट गए। यहां गंगा आरती देखकर बजड़े से ही अस्सी घाट पर लौटे। रात करीब आठ बजे वे दिल्ली के लिए रवाना हो ग्रए।