{"_id":"5ab3ee854f1c1ba8768b6e31","slug":"german-president-conversation-with-bhu-student","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जर्मनी के राष्ट्रपति स्टाइनमायर ने पूछा, बीएचयू में केवल हिंदू विद्यार्थी ही पढ़ते हैं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जर्मनी के राष्ट्रपति स्टाइनमायर ने पूछा, बीएचयू में केवल हिंदू विद्यार्थी ही पढ़ते हैं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 23 Mar 2018 02:06 PM IST
विज्ञापन
बीएचयू में जर्मनी के राष्ट्रपति
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक दिन के दौरे पर वाराणसी पहुंचे जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक वाल्टर स्टाइनमायर ने गुरुवार को बीएचयू में छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया। बातचीत के दौरान जर्मनी के राष्ट्रपति का सबसे अधिक जोर जातिगत भिन्नता के बावजूद भारत की एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत पर रहा।
विज्ञापन
इस दौरान उन्होंने बीएचयू में हिंदू शब्द शामिल करने के उद्देश्य पर सवाल किया। पूछा-क्या यहां केवल हिंदू विद्यार्थियों का प्रवेश होता है? जवाब में छात्रों ने उन्हें बताया कि यहां (बीएचयू) मिनी भारत बसता है।
विज्ञापन
हर धर्म, जाति और वर्ग के हजारों विद्यार्थी यहां पढ़ते हैं। विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय के समिति कक्ष में राष्ट्रपति ने छात्र-छात्राओं से डेढ़ घंटे तक भारत में जाति व्यवस्था, धार्मिक भेदभाव, सहिष्णुता, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा के विकास आदि मुद्दों पर बातचीत की।
विज्ञापन
भारत की एकता की सराहना की
फ्रैंक वाल्टर स्टाइनमायर को सम्मानित करते डा नीरज त्रिपाठी
- फोटो : अमर उजाला
बीएचयू के विभिन्न संकायों के चुनिंदा 40 विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ने कहा कि जर्मनी में मीडिया की ओर से दिखाया जाता है कि भारत में जातिगत भेदभाव अधिक है। हिंदू और मुस्लिम सहित अन्य धर्मों के बीच मतभेद अधिक हैं। आए दिन तनाव की स्थिति रहती है।
यहां आकर जाना कि इतने बड़े देश में एक साथ कई धर्मों के लोगों का रहना ही उसकी सबसे बड़ी विशेषता है। स्टाइनमायर ने भारत की एकता की सराहना की। इस दौरान उन्होंने समिति कक्ष में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
इस दौरान कार्यवाहक कुलपति डॉ. नीरज त्रिपाठी, चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह, परीक्षा नियंता मनोज पांडेय और अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. एमके सिंह मौजूद रहे।
यहां आकर जाना कि इतने बड़े देश में एक साथ कई धर्मों के लोगों का रहना ही उसकी सबसे बड़ी विशेषता है। स्टाइनमायर ने भारत की एकता की सराहना की। इस दौरान उन्होंने समिति कक्ष में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
इस दौरान कार्यवाहक कुलपति डॉ. नीरज त्रिपाठी, चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह, परीक्षा नियंता मनोज पांडेय और अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. एमके सिंह मौजूद रहे।