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गाजी मियां की हुई चादरपोशी, निभाई गई रस्में
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सैय्यद सालार मसऊद गाजी मियां रहमतुल्लाह अलैह के ऐतिहासिक तीन दिवसीय मेले का आयोजन दूसरे साल भी नहीं हुआ। कोरोना महामारी के कारण समिति के लोगों ने मेले को स्थगित कर दिया। रविवार को आस्ताने पर कमेटी के लोगों ने ही अकीदत से फूल-माला, प्रसाद व चादर चढ़ाकर मन्नत मांगी।
रविवार को बड़ी बाजार स्थित हजरत सैयद सालार मसूद गाजी के आस्ताने पर सन्नाटा पसरा रहा। कोरोना संक्रमण के कारण मेला स्थगित रहा और जायरीन को भी दरगाह में प्रवेश नहीं दिया गया। दरगाह कमेटी के पांच लोगों ने कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए गाजी मियां की चादरपोशी की रस्म निभाई। गद्दीनशीं हाजी एजाजुद्दीन हाशमी ने बताया कि सभी जायरीन और श्रद्धालुओं से अपील की गई थी कि वह घर से दुआ करें। किसी को भी दरगाह में प्रवेश नहीं दिया गया। संक्रमण के कारण तीन दिवसीय मेले को स्थगित कर दिया गया। कोविड नियमों का पालन करते हुए पांच लोगों ने चादरपोशी करके कोरोना जैसी वबा के खात्मे की कामना की।
मेले में प्रतिवर्ष वाराणसी के अलावा भदोही, जौनपुर, मऊ, गाजीपुर, चंदौली, मिर्जापुर समेत आसपास के सभी जिलों से अकीदतमंद शिरकत करते थे। ऐतिहासिक मेला तीन दिन लगता था। मेले की तैयारियां एक माह पूर्व से ही शुरू हो जाती थीं। लेकिन दूसरे साल भी यह मेला नहीं लगा।
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रविवार को बड़ी बाजार स्थित हजरत सैयद सालार मसूद गाजी के आस्ताने पर सन्नाटा पसरा रहा। कोरोना संक्रमण के कारण मेला स्थगित रहा और जायरीन को भी दरगाह में प्रवेश नहीं दिया गया। दरगाह कमेटी के पांच लोगों ने कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए गाजी मियां की चादरपोशी की रस्म निभाई। गद्दीनशीं हाजी एजाजुद्दीन हाशमी ने बताया कि सभी जायरीन और श्रद्धालुओं से अपील की गई थी कि वह घर से दुआ करें। किसी को भी दरगाह में प्रवेश नहीं दिया गया। संक्रमण के कारण तीन दिवसीय मेले को स्थगित कर दिया गया। कोविड नियमों का पालन करते हुए पांच लोगों ने चादरपोशी करके कोरोना जैसी वबा के खात्मे की कामना की।
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मेले में प्रतिवर्ष वाराणसी के अलावा भदोही, जौनपुर, मऊ, गाजीपुर, चंदौली, मिर्जापुर समेत आसपास के सभी जिलों से अकीदतमंद शिरकत करते थे। ऐतिहासिक मेला तीन दिन लगता था। मेले की तैयारियां एक माह पूर्व से ही शुरू हो जाती थीं। लेकिन दूसरे साल भी यह मेला नहीं लगा।
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