सारनाथ में निकाली गई गौतम बुद्ध के अस्थि अवशेष की शोभायात्रा, कई देशों के बौद्ध अनुयायी हुए शामिल
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कार्तिक पूर्णिमा पर वाराणसी में सारनाथ के महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया के नेतृत्व में मंगलवार को मूलगंज कुटी बौद्ध मंदिर से भगवान बुद्ध की अस्थि अवशेष शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में हाथी पर भगवान बुद्ध की पवित्र अस्थि अवशेष को वियतनाम के अनुयाई लेकर बैठे थे। पीछे रथों पर बैठे बौद्ध अनुयायी पूरे शोभायात्रा तक पुष्प वर्षा करते हुए जा रहे थे।
सोसायटी के महासचिव भिक्षु पी सीवली थेरो के नेतृत्व में मूलगंज कुटी बौद्ध मंदिर से बुद्ध के पवित्र अस्थि अवशेष की शोभायात्रा निकली। इसमें सबसे आगे धर्म चक्र मुद्रा में भगवान बुद्ध की प्रतिमा, चार हाथियों पर वियतनामी बौद्ध अनुयायी बैठे थे।
उसके पीछे एक हाथी पर वियतनाम के अनुयाई हाथों में बुद्ध की पवित्र अस्थि अवशेष लेकर बैठे थे। शोभायात्रा सारनाथ चौराहे, तिब्बती मंदिर, रंगोली गार्डन, संग्रहालय, पुरातात्विक खंडार परिषद में स्थित धमेक स्तूप होते की परिक्रमा कर मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर पहुंची।
पवित्र अस्थि शोभायात्रा से पूर्व सुबह 5 बजे से ही मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर में अस्थि अवशेष का दर्शन आमजन के लिए खोला गया था, जिसे देखने के लिए काफी संख्या में बौद्ध उपासक व उपासिकाओं ने लाइन में लगकर दर्शन किए। अस्थि अवशेष का दर्शन दोपहर 12 बजे तक चला, उसके बाद अस्थि शोभायात्रा निकाली गई।