गैस संकट: बाजार से गायब हैं इंडक्शन, जहां मिल रहे वहां तीन गुना दाम; आसानी से नहीं पहुंच रहा सिलिंडर
Varanasi News: वाराणसी जिले में गैस सिलिंडर संकट के बीच अब लोगों को इंडक्शन भी नहीं मिल पा रहा है। वहीं सारे प्रयासों के बाद भी घरों तक आसानी से सिलिंडर नहीं पहुंच रहा है।
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रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत के बीच इंडक्शन चूल्हा लोगों का आसरा बना था लेकिन इसकी मांग लगातार बढ़ने से यह भी बाजार से गायब हो गए हैं। कई ऑनलाइन प्लेटफार्म पर भी इंडक्शन आउट ऑफ स्टॉक है। कुछ बाजारों में इसके दाम दो से तीन गुने तक बढ़ा दिए गए हैं। इसके चलते घरों में एलीपीजी की कमी पूरी नहीं हो पा रही है। आम जनता को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
शुक्रवार को अमर उजाला की पड़ताल में कई बाजारों में इंडक्शन गायब मिले तो कहीं दोगुने से अधिक दाम में उपलब्ध मिले। शहर में इलेक्ट्राॅनिक्स का बड़ा और सस्ता बाजार कोदई चौकी माना जाता है। यहां इंडक्शन मिल रहा था लेकिन दो से तीन गुना अधिक दाम में। इसमें भी ब्रांडेड कंपनी का इंडक्शन उपलब्ध नहीं था। सिगरा और महमूरगंज में 2800 से 3000 तक के इंडक्शन मिल रहे थे।
शिवपुर, अर्दली बाजार, पांडेयपुर, पहड़िया और भोजूबीर के बाजारों में स्थित अधिकतम दुकानों में इंडक्शन नहीं था। सभी बाजारों की एक दो दुकानों में ही उपलब्धता मिली लेकिन बढ़े दाम में। एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति अभी भी पूरी नहीं हो पाई।
कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आउट ऑफ स्टॉक
इंडक्शन की बढ़ी मांग के बाद इसकी कालाबाजारी भी खूब हो रही है। इससे बचने के लिए लोगों ने जब ऑनलाइन प्लेटफाॅर्म का सहारा लेना चाहा तो वहां भी स्थिति आउट ऑफ स्टॉक हो गई। ब्लिंकिट पर बीते एक सप्ताह से इंडक्शन आउट ऑफ स्टॉक है। बर्तन व्यापारियों ने बताया कि इंडक्शन के स्टॉक की शॉर्टेज है। जहां एक ओर इंडक्शन मांग के मुकाबले उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। वहीं गैस चूल्हों की बिक्री लगभग बंद हो गई है। महीने भर में गैस चूल्हों की बिक्री आधी से भी कम है।
क्या बोले व्यापारी
इंडक्शन का जो स्टॉक था वो खत्म हो गया है। मांग के मुकाबले कंपनियां सप्लाई नहीं दे पा रही हैं। जिनके पास पुराना स्टॉक था उन्होंने काम चलाया। अधिकतम दुकानों में स्टॉक नहीं है। -अजीत उपाध्याय, इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण व्यापारी
इंडक्शन की मांग 30 है तो आपूर्ति 10 की भी आपूर्ति नहीं है। इस कारण लोगों को समस्या हो रही है। पिछले 10 दिनों में इसकी मांग लगातार बढ़ी है। सिलिंडर न मिल पाने से गैस चूल्हों की बिक्री बंद हो गई है। -राकेश जैन, महानगर अध्यक्ष, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल काशी प्रांत