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बाहर से आने वालों को लालच में आकर पार कराई गंगा, खुद अब संक्रमण से बचने के लिए रहेंगे क्वारंटीन सेंटर में 

Fri, 03 Apr 2020 03:58 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Fri, 03 Apr 2020 03:58 PM IST
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Ganges came out of greed to those coming from outside, themselves will now stay in the Quarantine Center to avoid infection
क्वारंटीन सेंटर के बाहर मौजूद तीनो मल्लाह - फोटो : amar ujala

कोरोना को लेकर अब गांवों में लोग जागरूक होने लगे हैं। वे महामारी के खतरे को गंभीरता से ले रहे हैं और चूक करने वालों को सजा भी दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला नरही थाना क्षेत्र के भरौली गांव में सामने आया। यहां के निवासी तीन नाविकों को ग्रामीणों ने क्वारंटीन सेंटर में रहने पर मजबूर कर दिया है। तीनों पर आरोप है कि इन्होंने बाहर से आए एक व्यक्ति को चोरी-छिपे पैसा लेकर गंगा पार कराया है। गांव वालों का कहना है कि वह व्यक्ति वायरस की चपेट में होगा तो ये लोग भी उसकी चपेट में आ सकते हैं, इसलिए अब इन्हें गांव के बाहर बने उच्च प्राथमिक विद्यालय के बरामदे में पूरे 14 दिन क्वारंटीन रहना होगा। इसके बाद ही इन्हें गांव में प्रवेश दिया जाएगा।

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मिली जानकारी के अनुसार भरौली के रामबली, सोनू और कामेश्वर गंगा नदी से मछली पकड़कर परिवार को खर्च चलाते हैं। बृहस्पतिवार को भी ये लोग रोज की तरह गंगा में अपनी नाव से मछलियां मार रहे थे। तभी गंगा किनारे तीन अनजान व्यक्ति पहुंचे। उन्होंने बताया कि पुलिस ने सीमा सील कर दी है और उस पार नहीं जाने दे रही है।
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Ganges came out of greed to those coming from outside, themselves will now stay in the Quarantine Center to avoid infection
सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

वे तीनों बिहार के रहने वाले थे और मजदूरी के लिए बाहर गए थे। लॉक डाउन में काम बंद होने के कारण बार्डर तक पहुंच गए थे, लेकिन अब फंसे हुए हैं। तब रामबली, सोनू व कामेश्वर ने उन्हें अपनी नाव से गंगा के उस पार पहुंचा दिया, लेकिन उन्हें ऐसा करते हुए गांव के कुछ लोगों ने उन्हें देख लिया।

ऐसे में जब वे तीनों को गंगा पार उतार कर लौटे तो गांव वालों ने उनके गांव में प्रवेश पर रोक लगा दी। ग्रामीणों का कहना था कि चूंकि ये तीनों लोग बाहरी व्यक्तियों के संपर्क में आए हैं। नाव से उन्हें गंगा पार कराते समय यदि वे तीनों संक्रमित हुए तो इनके भी कोरोना वायरस की चपेट में आने की संभावना है, इसलिए अब इन्हें गांव में प्रवेश तभी मिलेगा जब ये 14 दिन तक गांव के बाहर बने उच्च प्राथमिक विद्यालय में रह लेंगे।

इस दौरान यदि ये संक्रमित हुए तो वह सबके सामने आ जाएगा। हालांकि अभी तीनों को ग्राम प्रधान या वीडीओ की तरफ से कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है। विद्यालय का ताला भी नहीं खुला है और ये बरामदे ही रह रहे हैं, इस दौरान इनके परिवार वालों की तरफ से ही भोजन आदि की व्यवस्था की जा रही है।

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