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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Ganga water level went down three feet in varanasi drinking water supply stopped 189 feet for the first time

Water Crisis: तीन फीट और नीचे गया गंगा का जलस्तर, ठप हो गई पेयजल आपूर्ति; पहली बार 189 फीट पर नदी का स्तर

Wed, 26 Jun 2024 10:07 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Wed, 26 Jun 2024 10:07 AM IST
सार

Varanasi News: जल संरक्षण के लिए लंबे समय से कवायद चल रही है लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। यही कारण है कि साल दर साल पानी का जलस्तर नीचे जा रहा है। बारिश के बाद पानी का जलस्तर सबसे ऊपर होता है। बारिश से पहले यह जलस्तर नीचे चला जाता है।

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Ganga water level went down three feet in varanasi drinking water supply stopped 189 feet for the first time
गंगा की धारा सिमटती जा रही है। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

भीषण गर्मी ने अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। पहली बार गंगा का जलस्तर 189 फीट तक गया है। 24 घंटे में दो सेंटीमीटर गंगा का जलस्तर घटा है। गंगा का जलस्तर तीन फीट और नीचे गया तो शहर की पेयजल आपूर्ति ठप हो जाएगी। 189 फीट अलार्मिंग स्थिति मानी जाती है। 

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186 फीट पर जलस्तर पहुंचने पर शहर की पेयजल आपूर्ति ठप हो जाएगी। इसे देखते हुए जलकल की ओर से कानपुर रामगंगा को पानी छोड़ने के लिए पत्र भेजा गया है। वहीं, नगर निगम की ओर से प्रमुख सचिव सिंचाई को पत्र भेजकर पानी छोड़ने का आग्रह किया गया है।
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केंद्रीय जल आयोग के अनुसार 57.6 मीटर पर गंगा का जलस्तर स्थिर है। जानकारों के अनुसार अब तक गर्मी में 190 से 192 फीट के बीच ही गंगा का जलस्तर रहता है। इस बार गंगा का जलस्तर 189 फीट तक पहुंच गया है। अगर इसी रफ्तार से गंगा का जलस्तर घटा तो आने वाले दिनों में पेयजल संकट खड़ा हो सकता है।
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भूगर्भ जल विभाग के अनुसार बनारस जिले का भूगर्भ जलस्तर 0.10 मीटर और नीचे चला गया है। मार्च में भूगर्भ जलस्तर जहां एक मीटर था, वह अब 1.10 मीटर नीचे चला गया है। इस समय गर्मी के चलते लगातार नीचे जा रहे पानी से हैंडपंपों की बोरिंग फेल हो रही है। 

शहर के कुछ क्षेत्रों के अलावा आराजीलाइन, हरहुआ ब्लाॅक, पिंडरा ब्लाॅक डार्क जोन में हैं। यहां बोरिंग प्रतिबंधित है। इनके अलावा बड़ागांव, चिरईगांव, चोलापुर, काशी विद्यापीठ व सेवापुरी ब्लाॅक क्रिटिकल जोन में हैं।

काशी के कुंड-तालाब पाटने से कम हुई वाटर रिचार्जिंग
जानकारों के अनुसार काशी कुंड और तालाबों का शहर कहा जाता है। यहां कुंड और तालाब को पाटने से वाटर रिचार्जिंग कम हुई है। सामान्य बारिश पर पर्याप्त पानी मिल जाता है। शहरी क्षेत्र में जलस्तर नीचे जाने की वजह नदी आधारित सरकारी पेयजल योजनाओं का फेल होना है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी नहरों के अभाव के कारण भूगर्भ जल से ही सिंचाई हो रही है। 20 लाख की शहरी आबादी के साथ ही कल-कारखानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए भूगर्भ जल का अतिदोहन ही किया जा रहा है।

संकटमोचन मंदिर के महंत का एक्स पर पोस्ट
गंगा की घटते जलस्तर पर चिंता जताते हुए संकटमोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्रा ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि वाराणसी में गंगा का जलस्तर दो दिन में आधा फीट घटा है। गर्मियों का ये सबसे कम जलस्तर है। कल से बारिश शुरू होनी चाहिए।

जिले के स्थान - मीटर में भूगर्भ जलस्तर

भोजूबीर 17.38
सारनाथ 16.90
लक्सा 17.01
लंका 17.27
आराजीलाइन ब्लाक 17.75
बड़ागांव ब्लाक 13.63
चिरईगांव ब्लाक 16.88
चोलापुर ब्लाक 13.30
हरहुआ ब्लाक 17.73
काशी विद्यापीठ ब्लाक 13.91
पिंडरा ब्लाक 17.98
सेवापुरी ब्लाक 15.31


यह बोले अधिकारी
वर्तमान में गंगा का जलस्तर 189 फीट है। ये पहली बार है जब जलस्तर इतना कम हुआ है। इसके लिए कानपुर रामगंगा को पत्र भेजकर पानी छोड़ने का आग्रह किया गया है। वर्तमान में 100 से 110 एमएलडी पानी गंगा से उठा रहे हैं जबकि सामान्य दिनों में 125 एमएलडी पानी लिया जाता है। बाकी आपूर्ति के लिए शहर के ट्यूबवेल का सहारा लिया जा रहा है। - ओपी सिंह, सचिव जलकल

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