कल से बढ़ेगा गंगा का जलस्तर: खतरे की सीमा के पार पहुंचने का अनुमान, केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट; जानें अपडेट
गंगा का जलस्तर कल से फिर बढ़ने का अनुमान है। केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले सात दिनों में जलस्तर 1.76 मीटर तक बढ़ सकता है। इससे गंगा का पानी 71.28 मीटर तक पहुंचने की संभावना है, जो खतरे के निशान 71.262 मीटर से थोड़ा ऊपर होगा। जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ेगा।
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गंगा के जलस्तर को लेकर अगले सात दिन सतर्कता वाले हैं। केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के अनुसार वाराणसी में गंगा का जलस्तर बुधवार से बढ़ेगा। गंगा का मौजूदा जलस्तर 69.52 मीटर है और इसमें अगले सात दिनों में अधिकतम 1.76 मीटर की बढ़ोतरी का अनुमान है। इस हिसाब से जलस्तर करीब 71.28 मीटर तक पहुंच सकता है जो खतरे के निशान 71.262 मीटर से ऊपर है।
केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के मुताबिक जलस्तर लगातार बढ़ते हुए 10 से 12 सितंबर के बीच 71 मीटर के आसपास पहुंच सकता है। 14 सितंबर तक जलस्तर करीब 70.2 मीटर के आसपास रहने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। वाराणसी में गंगा का चेतावनी स्तर 70.262 मीटर निर्धारित है। पूर्वानुमान के मुताबिक नदी का जलस्तर इस सीमा को पार कर खतरे के स्तर तक पहुंच सकता है। हालांकि अनुमानित अधिकतम जलस्तर 73.901 मीटर के उच्चतम बाढ़ स्तर से काफी नीचे रहेगा।
गंगा के जलस्तर में बीते चार-पांच दिनों से लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। सोमवार की रात 10 बजे तक जलस्तर 69.52 मीटर दर्ज किया गया। ये स्तर खतरे के निशान से करीब डेढ़ मीटर नीचे है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार जलस्तर 0.5 सेमी प्रति घंटा की दर से घट रहा है। गंगा धीरे-धीरे घाटों की ओर लौट रही है। दशाश्वमेध घाट स्थित जल पुलिस कार्यालय से पानी तीन फीट नीचे आ गया।
वाराणसी में वरुणा में उफान, पलट प्रवाह से बढ़ी मुश्किलें
वरुणा के तटवर्ती क्षेत्रों में जलभराव है। वरुणा किनारे नक्खीघाट क्षेत्र के सैकड़ों मकान बाढ़ की जद में हैं और दर्जनों परिवार अपना घर छोड़ कर राहत शिविर में आश्रय लिए हुए हैं। वहीं, पुरानापुल, पुलाकोहना, सलारपुर आदि क्षेत्रों में भी पानी भरा हुआ है। यहां के लोग छतों पर या फिर राहत शिविरों में गुजारा कर रहे हैं। अगले एक सप्ताह तक पानी बढ़ने के आसार हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों में रहने वालों की मुश्किलें फिलहाल एक सप्ताह तक बरकरार रहेंगी।
सीवर जाम होने पर विधायक-जीएम को चौक पर बैठाया, नारेबाजी
सीवर और बारिश से जलभराव से परेशान लोगों का गुस्सा बीते शनिवार को सड़क पर फूट पड़ा। खोजवा पुस्तकालय गली से गुरुधाम राम मंदिर तक कई दिनों से सीवर जाम की समस्या दूर न होने से नाराज लोगों ने सुबह से दोपहर तक चक्का जाम कर धरना-प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव और जलकल के जीएम को लोगों ने दाहा चौक पर बैठाकर लोगों ने समस्याएं बताईं और जमकर नारेबाजी की।
लोगों का कहना था कि दाहा चौक तिराहे से गुरुधाम और कश्मीरीगंज से गुरुधाम चौराहे तक कई दिनों से सीवर जाम है। बरसाती और सीवर का पानी सड़कों पर भरने से पूरा क्षेत्र लबालब है। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जलकल विभाग की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया गया। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती गई।
शनिवार सुबह लोग सड़क पर उतर आए और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। सुबह से दोपहर तक लोगों ने रास्ता जाम रखा। जीएम और कैंट विधायक को लोगों ने पूरी गली में घुमाकर स्थिति दिखाई और चौक पर बैठाकर विरोध जताया। लोगों ने विधायक के सामने जलभराव और सीवर की समस्या रखी।
विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने जलकल के अधिकारियों को फटकार लगाई और तत्काल सीवर सफाई कराने को कहा। विधायक ने कहा कि उनके अनुरोध पर जनता ने चक्का जाम समाप्त कर दिया। वह खुद मौके पर बैठ गए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक पूरा जलभराव खत्म हीं हो जाता तब तक बैठे रहेंगे। विधायक ने जलकल और जल निगम के अधिकारियों को सीवर जाम की समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया।