Varanasi: गंगा के जलस्तर में इजाफे के बाद दशाश्वमेध घाट पर बदला आरती स्थल, कई घाटों का आपसी संपर्क टूटा
वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में गंगा सेवा निधि द्वारा की जाने वाली प्रतिदिन गंगा आरती का स्थान बुधवार को बदल दिया गया। स्थान परिवर्तन के बावजूद हजारों की संख्या में श्रद्धालु मां गंगा दैनिक संध्या आरती में शामिल हुए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वाराणसी में कुछ दिनों से गंगा नदी का जलस्तर बढ़ते-बढ़ते अब घाट के ऊपर एक-एक सीढियां नदी की धारा ने चढ़ना शुरू कर दिया था। हालात को देखते हुए पहले पंडों और तीर्थ पुरोहितों ने अपने चौकियों को घाट के ऊपर किया। अब बुधवार को दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती स्थल में भी बदलाव करना पड़ा। घाटों का आपसी संपर्क भी टूट गया है। बुधवार शाम से गंगा सेवा निधि की ओर से गंगा आरती स्थल तय स्थान से करीब 10 फीट पीछे हो गया है। इस सीजन में पहली बार गंगा आरती स्थल बदला गया है।
माना जा रहा है कि गंगा का जलस्तर और बढ़ा तो प्लेटफॉर्म के पीछे सीढ़ियों पर गंगा आरती की व्यवस्था करनी पड़ेगी। इसके साथ ही आरती में बैठने की जगह भी कम होती जाएगी। गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी मां गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। ऐसे में गंगा आरती का स्थान पहली बार बदला गया है। बताया कि अब जैसे-जैसे गंगा का जलस्तर बढ़ेगा वैसे-वैसे स्थान बदलता जाएगा।
ये भी पढ़ें: सपा और सुभासपा के संबंधों में क्यों आई खटास? एनडीए में शामिल होने के बाद ओपी राजभर ने खोला राज
पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बरसात और गंगा बैराज से छोड़े गए पानी के कारण जलस्तर में बढ़ाव हो रहा है। जलस्तर में एक सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ाव जारी है। 36 घंटे में गंगा के जलस्तर में सवा फीट से ज्यादा की बढ़ोत्तरी हुई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा में अभी पानी और बढ़ने की आशंका है। तीर्थ पुरोहितों ने अपनी चौकियां सहेजनी शुरू कर दी हैं। नाविक भी अपनी नावों को संभालने में लगे हैं। नौकाओं को तट से बांधी गई रस्सियों में जलकुंभिययों का ढेर एकत्र हो गया है।
मणिकर्णिका घाट पर परेशानी, बाढ़ का खतरा गहराया
गंगा का पानी मणिकर्णिका घाट के शवदाह स्थल तक पहुंच गया है। इससे शवों के अंतिम संस्कार में दिक्कत आ रही है। जलस्तर बढ़ने का सिलसिला ऐसे ही चलता रहा तो शवदाह के लिए काफी कम जगह बचेगी। पहाड़ों पर बारिश व गंगा बैराज से छोड़े गए पानी की वजह से गंगा किनारे क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यमुना सहित कई अन्य नदियों के उफनाने से भी दिक्कत बढ़ी है। इसे देखते हुए पुलिस व प्रशासन सतर्क हैं। बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं।