वाराणसी में गंगा उफान पर: लगातार तीसरे दिन बदला आरती स्थल, हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह स्थल डूबा, बढ़ी चिंता
वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में गंगा सेवा निधि द्वारा की जाने वाली प्रतिदिन गंगा आरती का स्थान शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन बदला। पिछले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 100 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है।
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वाराणसी में गंगा के जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसके कारण शुक्रवार को हरिश्चंद्र घाट का शवदाह स्थल पूरी तरह से डूब गया और मणिकर्णिका घाट के दूसरे रैंप पर पानी चढ़ गया है। वहीं, दशाश्वमेध घाट पर तीसरे दिन भी आरती स्थल में बदलाव हुआ। गंगा आरती जल पुलिस के पास चौकी पर हुई। वहीं, घाट पर शीतला माई मंदिर में पानी प्रवेश कर गया।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, पिछले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 100 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। वहीं वरुणा में पलट प्रवाह से तटीय इलाके में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। शुक्रवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 64.32 मीटर दर्ज किया गया और जलस्तर में चार सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ाव हो रहा था।
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मणिकर्णिका घाट के दूसरे रैंप तक पहुंचा पानी
दोपहर 12 बजे के बाद बढ़ाव में एक सेमी की कर्मी दर्ज की गई और जलस्तर में तीन सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ाव जारी है। श्री काशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार के नीचे गंगा का पानी लहरा रहा है। मणिकर्णिका घाट के दूसरे रैंप पर भी देर रात तक पानी पहुंच चुका था और हरिश्चंद्र घाट का स्थल डूबने के कारण शवदाह ऊपर शुरू हो गया है।
शवदाह के लिए जगह कम होने के कारण शवदाह यात्रियों को इंतजार करना पड़ रहा है। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण वरुणा में भी पलट प्रवाह होने से तटवासियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी होती रही तो तटवासियों को सुरक्षित ठिकाने की ओर पलायन करना होगा।
गंगा में स्नान करने वालों को किया सचेत, शाम पांच बजे के बाद नौका संचालन पर रोक
जल पुलिस प्रभारी ने बताया कि पीएसी बाढ़ राहत बल के माध्यम से छलांग लगाकर स्नान करने पर रोक लगाई गई है। जल स्तर में बढ़ाव को देखते हुए पब्लिक एड्रेस सिस्टम के साथ-साथ लाउड हेलर का प्रयोग करते हुए स्नान करने वालों को सचेत किया जा रहा है, ताकि इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। शाम पांच बजे के बाद नौका संचालन पर रोक लागू है।