अशांत गंगा, पानी घुसने से बुनकरों की मशीनें खराब, बोले- कब तक ऐसा रहेगा हम नहीं जानते
गंगा के जलस्तर ने अब तबाही मचानी शुरू कर दी है। गांव तो चपेट में आए ही हैं, शहर की कई कॉलोनियां भी बाढ़ की चपेट में हैं। पूरी की पूरी बस्तियों में पानी भर चुका है। घर खाली हो चुके हैं और लोग ऊंचाई वाले इलाकों में शरण लेकर मुश्किलों भरे दिन काट रहे हैं। शनिवार को गंगा का जलस्तर बढ़ने की गति की कमी तो आई, लेकिन यह थमी नहीं है। वहीं
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, उत्तराखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश में हुई बारिश के चलते यमुना, चंबल, केन और बेतवा सहित कई सहायक नदियों से पानी बढ़ा है। इसी कारण गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है।
Varanasi: Buildings in low-lying areas of city partially submerged due to rise in water level of river Ganga. Machines in handlooms of also partially submerged, weavers say "We don't know how long will this persist. Cleaning these machines will take up months. We'll suffer loss." pic.twitter.com/HBASauEh5D
विज्ञापन विज्ञापन— ANI UP (@ANINewsUP) September 21, 2019
शनिवार शाम पांच बजे तक गंगा का जलस्तर 71.83 मीटर पहुंच चुका था। जबकि जलस्तर में वृद्धि की दर आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई। गंगा का जलस्तर बढ़ने से काशी की सहायक नदियां वरुणा और असि भी उफान पर हैं और तबाही मचा रही हैं। इनके पानी से शहर के कई इलाके बाढ़ की चपेट में हैं। वहीं, गंगा से सबसे ज्यादा सामने घाट का इलाका प्रभावित हुआ है।
गंगा नदी के जल स्तर में वृद्धि के कारण शहर के निचले इलाकों में इमारतें आंशिक रूप से जलमग्न हो गईं। बुनकरों की मशीनें भी आंशिक रूप से जलमग्न हैं, बुनकर कहते हैं, "हम नहीं जानते कि यह कब तक जारी रहेगा। इन मशीनों को साफ करने में कई महीने लगेंगे। हमें नुकसान होगा।"