गंगा के जलस्तर में बढ़ाव जारी: वाराणसी में देव दीपावली और छठ पूजा पर संशय, इस साल तीसरी बार घाटों का संपर्क टूटा
गंगा के जलस्तर में रोजाना हो रही बढ़ोत्तरी के कारण अभी तक देव दीपावली की तैयारियां भी शुरू नहीं हो सकी हैं। अगर यही हाल रहा तो इस साल देव दीपावली के आयोजनों को सीमित करना पड़ जाएगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय जल आयोग (सीडब्लूसी) के अनुसार शनिवार को सुबह से ही गंगा के जलस्तर में एक सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ाव हो रहा था। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रात आठ बजे गंगा का जलस्तर 64.96 मीटर दर्ज किया गया। शाम पांच बजे से गंगा के जलस्तर में आधा सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ोत्तरी हो रही थी।
वहीं देव दीपावली और छठ के आयोजनों पर भी अब संशय के बादल मंडराने लगे हैं। गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्र ने बताया कि गंगा के जलस्तर में रोजाना हो रही बढ़ोत्तरी के कारण अभी तक देव दीपावली की तैयारियां भी शुरू नहीं हो सकी हैं। अगर गंगा का यही हाल रहा तो इस साल देव दीपावली के आयोजनों को सीमित करना पड़ जाएगा।
पढ़ेंः अन्न-धन की देवी का सज गया दरबार, भोग को तैयार करने के लिए काम कर रहे 75 कारीगर
कार्तिक मास में लंबे समय बाद गंगा के जलस्तर में बढ़ाव
पढ़ेंः मिशन 2022 को धार देने वाराणसी आएंगे गृहमंत्री अमित शाह, प्रदेशभर के भाजपा पदाधिकारियों संग करेंगे बैठक
फिर हो सकता है पलायन
शहरी और ग्रामीण इलाकों के तटवर्ती क्षेत्रों में पानी बढ़ने लगा है। फिलहाल वाराणसी के गंगातट के घाटों का आपसी संपर्क पूरी तरह से टूट चुका है। गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी के कारण वरुणा नदी के तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोग सहमे हुए हैं। गंगा का जलस्तर अगर फिर 66 मीटर पर पहुंचा तो निचले इलाकों में रहने वालों को फिर घर छोड़ने की नौबत आ सकती है। गंगा की स्थिति पर जिला प्रशासन और एनडीआरएफ के साथ ही साथ जल पुलिस भी अलर्ट है।
पढ़ेंः 325 साल में पहली बार खुले मैदान में होंगे भगवान धनवंतरि के दर्शन, काशी में है देश की इकलौती प्रतिमा