फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Ganga Samne Ghat bridge will be create many problem for varanasi

बनारस के लिए कई दुश्वारियां लेकर आने वाला है गंगा पर बना सामने घाट पुल

Thu, 31 May 2018 05:08 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Thu, 31 May 2018 05:08 PM IST
विज्ञापन
Ganga Samne Ghat bridge will be create many problem for varanasi
नदी विज्ञानियों ने जताई चिंता, कहा-गलत डिजाइन के चलते बन रहे बालू के टीले - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी से रामनगर को जोड़ने वाले पुल के पायों के आसपास अप्रत्याशित रूप से बन रहे रेत के टीलों ने नदी विज्ञानियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों की मानें तो पुल की गलत डिजाइन शहर के लिए आफत बनकर आ सकती है।
विज्ञापन


टीलों के कारण अस्सी से राजघाट तक गंगा के जलस्तर में लगातार कमी आ रही है, वहीं प्रवाह की निरंतरता पर भी असर पड़ा है। विशेषज्ञ पुल की डिजाइन पर सवाल खड़े कर रहे हैं तो वहीं इसे भविष्य के लिए बड़े खतरे की घंटी भी बता रहे हैं।
विज्ञापन


उधर, सेतु निगम के विशेषज्ञों का कहना है कि गंगा डेल्टा बनाने वाली नदी है। सामने घाट के पास घुमाव होने के कारण डेल्टा बन रहा है। इसे पुल के पायों की डिजाइन से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


दरअसल, सामनेघाट पुल के पायों के पास रेत के मैदान सरीखे बन गए हैं। पुल के पास ही नदी में बने बिजली के टॉवर के पास भी बालू के टीले नजर आ रहे हैं। पुल के सभी पायों के पास रेत के ऐसे टीले देखे जा सकते हैं।

इस तरह की स्थितियां यहां पहली बार सामने आई हैं और इसे लेकर नदी विज्ञानियों की पेशानी पर बल पड़ गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पुल के गोल पाये होने के  चलते नदी का वेग इनके समीप कम हो जा रहा है।

ऐसे में पायों के पास और बीच में धीरे-धीरे बालू इकट्ठा हो जा रहा है। अगर इलेक्ट्रिकल पिलर बनाए जाते तो अविरलता प्रभावित न होती और नदी अपने वेग से गुजरती और बालू भी साथ निकल जाता। विशेषज्ञों का एक अनुमान है कि पुल बनने के बाद यहां 35 से 40 मीटर तक गंगा का प्रवाह इन टीलों की वजह से प्रभावित हो रहा है। 

सेतु निगम के महाप्रबंधक एके श्रीवास्तव ने कहा कि  सामनेघाट पर गंगा नदी में कर्व है। वहां नदी डेल्टा बनाती है। पुल के पायों की वजह से ऐसा नही हो रहा है।

Ganga Samne Ghat bridge will be create many problem for varanasi
130 साल पुराना मालवीय ब्रिज - फोटो : अमर उजाला

नदी विज्ञानी प्रो. यूके चौधरी ने कहा कि सामने घाट पुल का डिजाइन गलत है, लोकेशन गलत है। काम शुरू होते ही पिलर के आकार को लेकर चेतावनी दे दी थी। पत्राचार भी किया पर कोई जवाब नहीं आया। आरटीआई से भी जवाब मांगा पर निर्माण एजेंसियों ने किसी चीज की परवाह नहीं की।

राउंड पिलर के चलते रेत एकत्रित हो रही है। इलेक्ट्रिकल पिलर होता तो धारा प्रवाह में कोई रुकावट नहीं होती। 35 से 40 मीटर गंगा का प्रवाह प्रभावित है । पुल आने वाले समय में अवजल, बाढ़, डूब क्षेत्र सहित कई समस्याएं पैदा करेगा। 

नदी विज्ञानी  प्रो. बीडी त्रिपाठी ने कहा कि सामने घाट पुल के पाये राउंड शेप हैं। यहां पानी का वेग कम हो रहा है और सिल्टेशन रेट बढ़ गया है। जबकि मालवीय ब्रिज की इंजीनियरिंग आज भी पानी की अविरलता को प्रभावित नहीं करती। सामने घाट पुल में तकनीकी खामियां हैं। इसके दूरगामी परिणाम होंगे। 

अंग्रेजी हुकूमत में तैयार हुआ 130 साल पुराना मालवीय ब्रिज इंजीनियरिंग का नायाब नमूना है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इस पुराने पुल की डिजाइन से भी सीख ली गई होती तो गंगा की अविरलता प्रभावित नहीं होती।

मालवीय ब्रिज इलेक्ट्रिक पायों (नौका के किनारे का हिस्सा या मछली की पूंछ की तरह) पर है। इसकी वजह से गंगा का वेग अप्रभावी रहता है। यहां बालू सिल्ट नहीं जमा होती। 

 

सामने घाट पुल से यह होंगी समस्याएं

Ganga Samne Ghat bridge will be create many problem for varanasi
वाराणसी-रामनगर को जोड़ने वाला सामनेघाट पुल - फोटो : अमर उजाला
- अविरलता प्रभावित होने के चलते अवजल का क्षेत्र बढ़ना
- अस्सी के पास गंदगी सहित कई दुश्वारियों का बढ़ना
- गंगा का वेग, धारा, मार्ग भी हो रहा प्रभावित
- बाढ़ का स्तर व डूब क्षेत्र भी बढ़ सकता है
- भदैनी से पेयजल के लिए लिफ्ट किए जाने वाले पानी में बढ़ सकती है अवजल की मात्रा
- जलपरिवहन की राह में पैदा करेगा रोड़ा 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed