गंगा महोत्सव: पतित पावनी गंगे...के सुरों से बही भक्ति की गंगा, कबीर बैंड के सूफियाना गीतों पर झूमे पर्यटक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: किरन रौतेला
Updated Sun, 26 Nov 2023 06:04 PM IST
सार
शनिवार को तीसरी निशा की शुरुआत दक्षिण भारत के शास्त्री गायक प्रो. के शशि कुमार ने की। उन्होंने प्रथम प्रस्तुति गणेश महागणपतिम, फिर शिव स्तुति, गंगा स्तुति और पतित पावनी गंगे...से समापन किया। उनके साथ डाॅ. बी सत्तनर ने मृदंगम पर और वायलिन पर प्रशांत मिश्र ने संगत की। दूसरी प्रस्तुति सुचरिता दास गुप्ता के भजन गायन की रही। उन्होंने ठुमरी कौन गली गए श्याम, फिर दादरा में मोहन मुरली आवे, मन भावे समेत कई सुमधुर प्रस्तुतियां दीं।
विज्ञापन
गंगा महोत्सव
- फोटो : संवाद