Ganga Flood: वाराणसी में घट रहा गंगा का पानी पर दुश्वारियां बरकरार, तटवर्ती इलाकों में संक्रमण का खतरा
वाराणसी में गंगा का जलस्तर तेजी से घट रहा है। खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा शुक्रवार को चेतावनी बिंदु से भी नीचे आ गई।
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वाराणसी में गंगा के जलस्तर में बढ़ाव के बाद अब तेजी से घटाव शुरू हो गया है। शुक्रवार को गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के नीचे पहुंच गया। गंगा और वरुणा के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ के बाद होने वाली दुश्वारियों से जनता दो चार हो रही है। गंदगी के कारण कई इलाकों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। शुक्रवार रात 9 बजे गंगा का जलस्तर 68.89 मीटर दर्ज किया गया। गंगा का जलस्तर 8 सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से कम हो रहा है।
पखवारे भर बाद गंगा का रौद्र रुप शांत होने के बाद गंगा और वरुणा के तटवर्ती इलाकों में रहने वालों ने राहत की सांस ली है। केंद्रीय जल आयोग की बाढ़ बुलेटिन के अनुसार सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 10 सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से कम हो रहा था। सुबह 8 बजे जलस्तर 69.70 मीटर दर्ज किया। इसके बाद रफ्तार 8 सेंटीमीटर प्रतिघंटा हो गई।
जगह-जगह जमा पानी से अब उठ रही बदबू
शाम को चार बजे गंगा का जलस्तर 69.26 मीटर दर्ज किया। दूसरी ओर मारुति नगर, गायत्री नगर, काशीपुरम, गंगोत्री विहार के मकानों से भी बाढ़ का पानी उतरने लगा है। बाढ़ का पानी घुसने से कुछ लोगों के घरों का बोरिंग खराब होने के कारण पानी की दिक्कतें हो रही हैं। इसके अलावा जगह-जगह एकत्र पानी से अब बदबू उठ रही
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193 मशीनों से फॉगिंग और एंटी लार्वा का हो रहा छिड़काव
काशी में गंगा का जलस्तर अब घटाव की ओर है। लेकिन लोगों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पानी घटने के साथ-साथ अब मलबा, कीचड़ और दुर्गंध से परेशानी हो रही है। गंदगी के कारण मच्छरों से होने वाली बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। इससे निपटने के लिए नगर निगम प्रशासन ने 200 टीमों का गठन किया है। 193 मशीनों से फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव और सफाई हो रही है।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एन पी सिंह के मुताबिक बाढ़ के पानी के घटाव के बाद 193 मशीनों से व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। फॅागिंग के लिए 10 बड़ी मशीनें, सैनिटाइजेशन के लिए 174 मशीनें और एंटी लार्वा के छिड़काव के लिए 9 मशीनें लगाई गई हैं। यहां एंटी लार्वा, चूना, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव विशेष अभियान चलाकर किया जा रहा है। नगर निगम के पांचों जोन के जोनल अधिकारियों की देखरेख में अभियान चल रहा है। जोनल अधिकारी बाढ़ राहत शिविरों का मुआयना भी कर रहे हैं। इसके अलावा अत्यधिक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कुछ अतिरिक्त कर्मी भी बढ़ाए गए हैं।