फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

तस्वीरें: काशी के लोलार्क कुंड में आस्था की डुबकी, दो लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे शिव नगरी

Fri, 02 Sep 2022 11:58 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Fri, 02 Sep 2022 11:58 PM IST
सार

संतान कामना के स्नान पर्व लोलार्क षष्ठी पर लोलार्क कुंड में डुबकी लगाने के लिए आस्था का जन सैलाब उमड़ा। सैकड़ों की संख्या में दंपतियों ने लोलार्क कुंड में आस्था की डुबकी लगाकर वंश वृद्धि का आशीर्वाद मांगा।

विज्ञापन
Lolark Kund in varanasi bathing started after the aarti of Lolarkeshwar Mahadev
लोलार्क कुंड में आस्था की डुबकी - फोटो : अमर उजाला

संतति कामना से श्रद्धालुओं ने लोलार्क कुंड में मन्नतों की डुबकी लगाई। आस्था का रेला ऐसा उमड़ा की अस्सी और भदैनी की गलियां पूरी तरह से जाम हो गईं। हर तरफ श्रद्धालुओं की कतार, महादेव का जयकारा लगाती टोलियां और स्नान के लिए कतारबद्ध दंपती। मध्यरात्रि से जब लोलार्क कुंड में डुबकी लगाने का सिलसिला शुरू हुआ तो अनवरत चलता रहा। रात 11 बजे तक श्रद्धालुओं का आंकड़ा दो लाख से अधिक पहुंच गया। 



कोरोना संक्रमण काल के दो साल बाद लोलार्क कुुंड पर आस्थावानों का रेला उमड़ पड़ा। शाम से ही बैरिकेडिंग में बैठकर दंपतियों ने लोलार्क षष्ठी के स्नान के मुहूर्त का इंतजार किया और जैसे ही आधी रात को घड़ी की सूइयां एकाकार हुईं तो लोलार्केश्वर महादेव का जयकारा गूंज उठा। दंपती स्नान कर रहे थे वहीं कुछ लोग ऐसे भी थे जो चर्मरोग की मुक्ति की कामना से डुबकी लगा रहे थे।

Lolark Kund in varanasi bathing started after the aarti of Lolarkeshwar Mahadev
लोलार्क कुंड में स्नान - फोटो : अमर उजाला
लोगों ने कुंड में स्नान के साथ वस्त्र छोड़े और साथ ही फल दान किया। साथ ही इसे वर्ष पर्यंत न ग्रहण करने का संकल्प लिया। वहीं, जिनके संकल्प पूर्ण हुए उन्होंने भी डुबकी लगाई। स्नान-दान के बाद लोलार्केश्वर महादेव का दर्शन किया। पूरे क्षेत्र में जगह-जगह बच्चों का मुंडन हो रहा था तो कहीं कढ़ाही चढ़ाई जा रही थी।
Lolark Kund in varanasi bathing started after the aarti of Lolarkeshwar Mahadev
लोलार्क कुंड में स्नान - फोटो : अमर उजाला
श्रद्धालुओं को स्टेट बैंक से तुलसी घाट की ओर से प्रवेश दिया जा रहा था। सुगमता से लोग कुंड तक जा सकें इसके लिए एक बार में करीब 36 से 48 लोगों को छोड़ा जा रहा था। श्रद्धालुओं को महिषासुर मर्दिनी मंदिर होते अखाड़ा गोस्वामी तुलसी दास, रानी लक्ष्मीबाई जन्मस्थली से बाहर भेजा जा रहा था। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Lolark Kund in varanasi bathing started after the aarti of Lolarkeshwar Mahadev
लोलार्क कुंड में स्नान - फोटो : अमर उजाला
देर रात श्रद्धालुओं की कतार अस्सी से शिवाला होते हुए अग्रवाल रेडियो तिराहा तक पहुंच गई थी। जबकि दूसरी लाइन तुलसी घाट मार्ग से शुरू होकर अस्सी चौराहा होते हुए मुमुुक्षु भवन से आगे निकल चुकी थी। श्रद्धालुओं की लाइन शिवाला से बढ़कर पांडेय हवेली तक पहुंच गई। पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश के मुताबिक स्नान पर्व लोलार्क षष्ठी पर करीब दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया। 
विज्ञापन
Lolark Kund in varanasi bathing started after the aarti of Lolarkeshwar Mahadev
लोलार्क कुंड में स्नान - फोटो : अमर उजाला
गंगा में बाढ़ का असर कुंड के जलस्तर पर पड़ा है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का ध्यान रख कुंड के जलस्तर को कम रखने के लिए दो जेट पंप से पानी निकाला जा रहा था। स्नान संपन्न कराने के लिए मल्लाहों के अलावा जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीम तैनात थी।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
संतान कामना के स्नान पर्व लोलार्क षष्ठी पर लोलार्क कुंड में डुबकी लगाने के लिए आस्था का जन सैलाब उमड़ा। अस्सी के भदैनी स्थित प्रसिद्ध लोलार्क कुंड पर शुक्रवार को आस्था का मेला गुलजार हुआ।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed