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गंगा दर्शन पाथवे का विरोधः धरोहर बचाओ समिति ने बाबा विश्वनाथ को दी अर्जी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 28 Mar 2018 12:00 AM IST
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विश्वनाथ कॉरिडोर और गंगा पाथवे के नाम पर पक्के महाल के एक हिस्से को ध्वस्त करने की योजना से सहमे लोगों ने बाबा विश्वनाथ के यहां अर्जी लगाई है। धरोहर बचाओ समिति के लोगों ने बाबा का दर्शन पूजन करने के बाद मुसीबत से मुक्ति के लिए अर्जी लगाई है।
अर्जी में कहा गया कि शासन प्रशासन आपके सानिध्य से दूर करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे नेताओं और अफसरों को सद्बुद्धि देने का आग्रह किया। इसके पहले समिति ने बाबा कालभैरव को अर्जी दी थी।
गौरतलब है कि इस योजना में सरस्वती फाटक, लाहौरी टोला, ललिता घाट, मणिकर्णिका घाट, दलित बस्ती, नीलकंठ इलाके के 167 मकानों को जमींदोज किया जाना है। क्षेत्र में इस योजना का मुखर विरोध हो रहा है।
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मंगलवार को समिति के लोग कार्यालय में बैठे थे तभी सूचना मिली की कि मंदिर के सीईओ विशाल सिंह टीम के साथ एक मकान की नापजोख करवा रहे हैं। इस पर समिति र्के लोग भी वहां पहुंच गए। उस मकान में दो हिस्सेदार हैं।
उनमें एक हिस्सेदार आधे का मालिक है। जो बेचने के पक्ष में नहीं है जबकि दूसरे पक्ष में कई हिस्सेदार हैं। समिति ने आधे हिस्से के मालिक को सलाह दी कि वह तत्काल कोर्ट से आदेश प्राप्त करें। समिति के लोगों के पहुंचने के बाद टीम वापस लौट गई।
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अर्जी में कहा गया कि शासन प्रशासन आपके सानिध्य से दूर करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे नेताओं और अफसरों को सद्बुद्धि देने का आग्रह किया। इसके पहले समिति ने बाबा कालभैरव को अर्जी दी थी।
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गौरतलब है कि इस योजना में सरस्वती फाटक, लाहौरी टोला, ललिता घाट, मणिकर्णिका घाट, दलित बस्ती, नीलकंठ इलाके के 167 मकानों को जमींदोज किया जाना है। क्षेत्र में इस योजना का मुखर विरोध हो रहा है।
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मंगलवार को समिति के लोग कार्यालय में बैठे थे तभी सूचना मिली की कि मंदिर के सीईओ विशाल सिंह टीम के साथ एक मकान की नापजोख करवा रहे हैं। इस पर समिति र्के लोग भी वहां पहुंच गए। उस मकान में दो हिस्सेदार हैं।
उनमें एक हिस्सेदार आधे का मालिक है। जो बेचने के पक्ष में नहीं है जबकि दूसरे पक्ष में कई हिस्सेदार हैं। समिति ने आधे हिस्से के मालिक को सलाह दी कि वह तत्काल कोर्ट से आदेश प्राप्त करें। समिति के लोगों के पहुंचने के बाद टीम वापस लौट गई।
प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, हस्तक्षेप का किया निवेदन
विश्वनाथ मंदिर के निकट तोड़े गए मंदिरों व घरों के संबंध में राज्य सभा सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखा। उन्होंने इस पूरे मामले को अतिसंवेदनशील बताते हुए हस्तक्षेप करने का निवेदन किया है।
संजय सिंह ने पत्र में लिखा है कि शासन, प्रशसन मंदिरों व घरों को तोड़ने का अभियान चला रहा है। इसको लेकर जनता के मन में जबरदस्त आक्रोश है। उन्होंने यह भी कहा है कि मंदिर के निकट पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
उन्होंने पीएम से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया साथ ही आगाह किया कि मंदिर तोड़ने की कार्यवाही पर रोक न लगी तो वाराणसी में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।
सांसद राज्य सभा ने इस पत्र को ट्वीट भी किया है। आम आदमी पार्टी के पूर्वांचल संयोजक संजीव सिंह ने बताया कि बुधवार को संसद के शून्य काल में यह मामला सांसद राज्य सभा उठा सकते हैं।
संजय सिंह ने पत्र में लिखा है कि शासन, प्रशसन मंदिरों व घरों को तोड़ने का अभियान चला रहा है। इसको लेकर जनता के मन में जबरदस्त आक्रोश है। उन्होंने यह भी कहा है कि मंदिर के निकट पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
उन्होंने पीएम से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया साथ ही आगाह किया कि मंदिर तोड़ने की कार्यवाही पर रोक न लगी तो वाराणसी में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।
सांसद राज्य सभा ने इस पत्र को ट्वीट भी किया है। आम आदमी पार्टी के पूर्वांचल संयोजक संजीव सिंह ने बताया कि बुधवार को संसद के शून्य काल में यह मामला सांसद राज्य सभा उठा सकते हैं।