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Ganga Aarti Varanasi: शादी-विवाह और इवेंट में अब नहीं होगी गंगा आरती, इस वजह से लिया गया निर्णय
Mon, 28 Oct 2024 10:31 AM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Mon, 28 Oct 2024 10:31 AM IST
सार
मां गंगा की आरती को लेकर गंगा आरती समितियों की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। निर्णय के मुताबिक शादी-विवाह और इवेंट में अब मां गंगा की आरती नहीं होगी। इस पर रोक लगाने के लिए सरकार को पत्र भेजा जाएगा।
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गंगा आरती
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
शादी-विवाह और इवेंट में अब मां गंगा की आरती नहीं होगी। इस तरह के आयोजन में मां गंगा की आरती करना धार्मिक अपराध है। भगवती मां गंगा की आरती मनोरंजन का विषय नहीं है। इस पर रोक लगाने के लिए सरकार और धर्मार्थ मंत्रालय को पत्र लिखा जाएगा। रविवार की शाम को गंगा सेवा निधि के प्रांगण में देव दीपावली और गंगा आरती समितियों की हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस दौरान पांच प्रस्ताव पारित हुए।
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रविवार को बैठक में समस्त गंगा आरती एवं देव दीपावली समितियों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि गंगा आरती की मर्यादा और पवित्रता का उल्लंघन किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आजकल ऐसा चलन में है कि कुछ इवेंट मैनेजमेंट कंपनियां और व्यक्ति पैसे के लिए गंगा आरती का कार्यक्रम शादी-विवाह, पार्टियों में कर रहे हैं। यह एक तरह से गंगा आरती का अपमान है। हमारी मांग है कि इस प्रकार से कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध लगे। इस दौरान वागीश शास्त्री, सुशांत मिश्र, रामयश मिश्र सहित गंगा आरती समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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गंगा आरती के नाम पर बंद हो फर्जीवाड़ा
दूसरे प्रस्ताव में चर्चा हुई कि गंगा जी की आरती के कार्यक्रम में भाग लेने के नाम पर कुछ ठगों ने फर्जी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू किया है। गंगा आरती में भाग लेने, बैठने और दर्शन करने का कोई चार्ज नहीं है। यह कार्यक्रम पूरी तरह से निशुल्क है। इसके नाम पर हो रही ठगी को तत्काल बंद किया जाए। आरती स्थलों पर गंगा आरती के बाद कुछ लोग थाली में दीपक जलाकर धन वसूली करते हैं। प्रशासन से निवेदन है कि इसे रोका जाए। चौथे प्रस्ताव में देव दीपावली से पूर्व समस्त घाटों, कुंडों-तालाब की साफ-सफाई कराने की मांग की गई। पांचवें प्रस्ताव के तहत पक्के व स्नान वाले घाटों से क्षतिग्रस्त नावों को हटाने का अनुरोध किया गया।