बाढ़ पीड़ितों के लिए गंगा आरती: काशी में मृतकों को दी गई श्रद्धांजलि, दो मिनट का रखा मौन; हुई विशेष प्रार्थन
काशी के दशाश्वमेध घाट पर नेपाल और तिब्बत में बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा व कुशलता की कामना से विशेष गंगा आरती की गई। इस दौरान प्रभावितों के लिए दीपदान किया गया। बाढ़ में जान गंवाने वालों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
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प्राचीन दशाश्वमेध घाट पर गुरुवार को गंगोत्री सेवा समिति ने विशेष गंगा पूजन एवं गंगा आरती का आयोजन किया। यह आयोजन नेपाल और तिब्बत में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों को समर्पित था। समिति ने बाढ़ पीड़ितों की सुरक्षा, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने और मृतकों की आत्मा की शांति की कामना की। इस दौरान मां गंगा और बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना की गई।
विशेष गंगा आरती का मुख्य उद्देश्य बाढ़ प्रभावित परिवारों को इस कठिन समय से उबरने की शक्ति प्रदान करना था। कार्यक्रम में मृतकों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद गंगा तट पर दीपदान और गंगा पूजन किया गया। गंगोत्री सेवा समिति ने नेपाल एवं तिब्बत के बाढ़ पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
पांच ब्राह्मण आचार्यों ने गंगा तट पर दीपदान कर मां गंगा की विशेष आरती की। उन्होंने सभी बाढ़ प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रार्थना की। समिति ने ईश्वर से प्रभावित लोगों को शक्ति, सुरक्षा एवं संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। दिवंगत आत्माओं को शांति देने की भी कामना की गई।
गंगोत्री सेवा समिति ने नेपाल और तिब्बत में आई भीषण बाढ़ के मद्देनजर यह विशेष आयोजन किया। इसका प्राथमिक उद्देश्य बाढ़ से प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए भी प्रार्थना की गई। बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए विशेष पूजन किया गया। समिति ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को इस संकट से उबरने की शक्ति देने की कामना की।
कार्यक्रम की शुरुआत मृतकों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर हुई। इसके बाद गंगा तट पर श्रद्धापूर्वक दीपदान किया गया। मां गंगा का विशेष पूजन भी संपन्न हुआ। पांच ब्राह्मण आचार्यों ने मिलकर गंगा तट पर दीपदान किया। उन्होंने मां गंगा की विशेष आरती की और सभी बाढ़ प्रभावित परिवारों के कल्याण की प्रार्थना की। यह विशेष गंगा आरती पूरी तरह से नेपाल एवं तिब्बत के बाढ़ पीड़ितों को समर्पित थी।
इस अवसर पर गंगोत्री सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष किशोरी रमन दूबे ‘बाबू महाराज’ मौजूद थे। सचिव दिनेश शंकर दूबे भी कार्यक्रम में शामिल हुए। संदीप कुमार दूबे, मयंक दूबे, मोहक दूबे, संकठा प्रसाद और दिनेश शहनी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। समिति ने नेपाल एवं तिब्बत के सभी बाढ़ प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने ईश्वर से प्रभावित लोगों को शक्ति, सुरक्षा और संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।