यूपी: आधे दाम में सोना बेचने का देते थे झांसा, गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार; पीले रंग की 33 नकली गिन्नी बरामद
एसटीएफ ने आधे दाम में सोना बेचने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को मिर्जापुर से गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 33 पीले रंग की नकली गिन्नी और दो मोबाइल बरामद हुए। गिरोह दुकानदारों की रेकी कर सात से दस लाख रुपये तक की ठगी करता था। तीन मुकदमे भी दर्ज हैं।
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एसटीएफ उत्तर प्रदेश ने असली सोना दिखाकर नकली सोना देने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र के जमुआ निवासी अजय बिंद और गाजीपुर के विंध्याचल थाना क्षेत्र के दादर कला निवासी बृजेश उर्फ बलराम बिंद के रूप में हुई है। उनके कब्जे से 33 पीले रंग की नकली गिन्नी और दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। दोनों की गिरफ्तारी 23 सितंबर को मिर्जापुर के पड़री थाना क्षेत्र में तिगोड़वा अंडरपास के पास से हुई।
एसटीएफ के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से मिर्जापुर और आसपास के जिलों में आधे दाम पर सोना बेचने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह की सक्रियता की सूचना मिल रही थी। इसके बाद वाराणसी फील्ड यूनिट को भी सूचना संकलन और कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। जांच के दौरान गिरोह की ठगी के तीन मामले सामने आए, जिनमें पड़री थाने में 2.25 लाख और छह लाख रुपये तथा चुनार थाने में 5.50 लाख रुपये की ठगी के मुकदमे दर्ज हैं।
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य पहले कस्बों और बाजारों में ऐसी दुकानों की रेकी करते थे, जिनका रोजाना कारोबार अच्छा हो। इसके बाद दुकान के बाहर लगे बोर्ड से संचालक का नाम और मोबाइल नंबर नोट कर लेते थे। ठगी के लिए नया मोबाइल फोन और दूसरे व्यक्ति के नाम पर प्री-एक्टिवेट सिम खरीदा जाता था।
गिरोह का सदस्य दुकानदार को फोन कर बताता था कि आसपास एक मजदूर के पास काफी मात्रा में सोना है, लेकिन वह डर के कारण दुकान पर बेचने नहीं आ रहा। इसके बाद दूसरे सदस्य को स्थानीय व्यक्ति बनाकर दुकानदार से बात कराई जाती थी। गिरोह के सदस्य असली सोने का छोटा टुकड़ा दिखाकर उसकी जांच कराते और विश्वास हासिल करते थे। इसके बाद पैसे लेकर सुनसान स्थान पर नकली सोना देकर फरार हो जाते थे।
एसटीएफ के मुताबिक, गिरोह प्रत्येक वारदात में सात से दस लाख रुपये तक की ठगी करता था। कई मामलों में पीड़ितों ने लोकलाज और संकोच के कारण शिकायत नहीं की। 23 सितंबर को भी गिरोह ने चुनार क्षेत्र की अजय भारती उर्फ सुमन को दो लाख रुपये लेकर तिगोड़वा अंडरपास के पास बुलाया था। इसी दौरान एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ पड़री थाने में धारा 318(4) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। स्थानीय पुलिस की ओर से आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।