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ढुंढिराज गणेश गली की जर्जर छत गिराने का आदेश
ब्यूरो, अमर उजाला वाराणसी
Updated Sun, 14 Aug 2016 02:31 AM IST
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ढुंढिराज गणेश प्वाइंट की जर्जर छत की मरम्मत का काम शनिवार की शाम मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएन त्रिपाठी ने रोकवा दिया। नगर निगम, पुलिस, मंदिर प्रशासन और गली के व्यवसायियों के साथ हुई बैठक में गली की जर्जर छत मरम्मत के योग्य नहीं पाई गई। इसके बाद सीईओ ने नगर निगम को छत गिराने का निर्देश जारी कर दिया। देर रात नगर निगम के कर्मचारी छत गिराने का काम में जुट गए। सावन के चौथे और आखिरी सोमवार के जलाभिषेक को देखते हुए रविवार की दोपहर तक ढुंढिराज गली से विश्वनाथ मंदिर में आवाजाही शुरू कराए जाने का अनुमान है।
बारिश के बाद ढुंढिराज प्वाइंट की गली की छत से तेज गति से पानी टपकने की वजह से शुक्रवार की रात इस मार्ग से विश्वनाथ मंदिर में भक्तों, कर्मचारियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। गली के जिस जर्जर छत से पानी टपक रहा था, वह प्रवीण उपाध्याय के मकान का हिस्सा है। प्रवीण को मंदिर प्रशासन ने जर्जर छत की मरम्मत कराने का निर्देश दिया था। प्रवीण के मुताबिक वह शनिवार को छत की मरम्मत करा रहे थे लेकिन शाम 6:30 बजे पहुंचे मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने काम रोकवा दिया।
उनका कहना था कि छत जर्जर है। सावन में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए इसे नए सिरे से दुरुस्त कराया जाना चाहिए। इसके बाद सीईओ ने नगर निगम के अलावा ज्ञानवापी पुलिस और गली के व्यवसायियों के साथ भवन की स्थिति पर बैठक की। पता चला कि वह दो सौ साल पुराने भवन की छत है और मरम्मत से उसे टिकाया नहीं जा सकता। अंतत: उसे गिराने का निर्णय लिया गया। सीईओ ने बताया कि रविवार की दोपहर तक ढुंढिराज गली की छत का मलबा हटवाकर मार्ग को चालू करा दिया जाएगा। यह विश्वनाथ मंदिर जाने वाला सबसे व्यस्त रास्ता है।
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बारिश के बाद ढुंढिराज प्वाइंट की गली की छत से तेज गति से पानी टपकने की वजह से शुक्रवार की रात इस मार्ग से विश्वनाथ मंदिर में भक्तों, कर्मचारियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। गली के जिस जर्जर छत से पानी टपक रहा था, वह प्रवीण उपाध्याय के मकान का हिस्सा है। प्रवीण को मंदिर प्रशासन ने जर्जर छत की मरम्मत कराने का निर्देश दिया था। प्रवीण के मुताबिक वह शनिवार को छत की मरम्मत करा रहे थे लेकिन शाम 6:30 बजे पहुंचे मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने काम रोकवा दिया।
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उनका कहना था कि छत जर्जर है। सावन में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए इसे नए सिरे से दुरुस्त कराया जाना चाहिए। इसके बाद सीईओ ने नगर निगम के अलावा ज्ञानवापी पुलिस और गली के व्यवसायियों के साथ भवन की स्थिति पर बैठक की। पता चला कि वह दो सौ साल पुराने भवन की छत है और मरम्मत से उसे टिकाया नहीं जा सकता। अंतत: उसे गिराने का निर्णय लिया गया। सीईओ ने बताया कि रविवार की दोपहर तक ढुंढिराज गली की छत का मलबा हटवाकर मार्ग को चालू करा दिया जाएगा। यह विश्वनाथ मंदिर जाने वाला सबसे व्यस्त रास्ता है।
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