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21 प्रकार के वनस्पतियों से पूजे गए गणपति: भाद्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी की क्या है मान्यता ?

Wed, 31 Aug 2022 01:06 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Wed, 31 Aug 2022 01:06 PM IST
सार

काशी बुधवार से एक नए उत्सव में मगन हो गयी। मौका था गणेश चतुर्थी का। बुधवार को मध्यान के पश्चात पंडित संजय चांडेकर के आचार्यत्व में वेद मंत्रों के साथ षोडशोपचार पूजन किया गया। जिसमें कई प्रकार के सुगंधित पुष्प व 21 प्रकार के वनस्पतियों का प्रयोग हुआ। 

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Ganapati worshiped with 21 types of plants What is the recognition of Chaturthi of Shukla Paksha of Bhadra
21 प्रकार के वनस्पतियों से पूजे गए गणपति - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सात वार नौ त्योहार की नगरी काशी बुधवार से एक नए उत्सव में मगन हो गयी। मौका था गणेश चतुर्थी का। हिंदू धर्म के मुताबिक गणपति सभी देवताओं में पूजनीय होते हैं तथा किसी भी त्यौहार या पूजा के मौके पर सबसे पहले भगवान श्री गणेश का ही स्मरण किया जाता है। इसी संकल्प के साथ भाद्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी मनायी जाती है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान गणेश का जन्म भी हुआ था। इस मौके पर प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी अगसत्यकुंड स्थित अति प्राचीन शारदा भवन अपने 93 वर्ष पूरे कर 94वां गणेशोत्सव मनाने को तैयार हो गया। 
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1929 में पंडित गौरीनाथ पाठक द्वारा लघु रूप से प्रारंभ किया गया यह पूजन आज एक वृहद उत्सव के रूप में परिवर्तित हो गया है। आज उनके पुत्रद्वय पंडित यादव राव पाठक व पंडित विनोद राव पाठक अपने कुटुम्ब के साथ परम्परा को अक्षुण बनाए रखें हैं।
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Ganapati worshiped with 21 types of plants What is the recognition of Chaturthi of Shukla Paksha of Bhadra
गणेश चतुर्थी 2022 - फोटो : अमर उजाला
21 प्रकार के वनस्पतियों से पूजे गए गणपति
बुधवार को मध्यान के पश्चात पंडित संजय चांडेकर के आचार्यत्व में वेद मंत्रों के साथ षोडशोपचार पूजन किया गया। जिसमें कई प्रकार के सुगंधित पुष्प व 21 प्रकार के वनस्पतियों का प्रयोग हुआ। 

वनस्पतियां क्रमशः हैं :- 
शमी पत्र
अगस्ति पत्र
मरु पत्र
बृहती पत्र
दाडिम पत्र
करवीर पत्र
अश्वत्थ पत्र
केतकी पत्र
जाती पत्र
भृंग पत्र
धत्तुर पत्र
मालती पत्र
अर्क पत्र
अर्जुन पत्र
दूर्वा पत्र
अपामार्ग 
देवदारु
विल्व पत्र
बदरी पत्र
तुलसी पत्र
विष्णुक्रान्ता पत्र


मंगलमूर्ति को 111 किलो लड्डू व मोदक का लगा भोग
गणपति को प्रिय मोदक व बेसन के लड्डू का भोग लगाया गया। संयोजक यादव राव पाठक ने बताया कि इस वर्ष 111 किलो लड्डू बनवाया गया है जो पूरे सप्ताह तक भक्तों में बांटा जाएगा।
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गणेश चतुर्थी - फोटो : अमर उजाला
हास्य कवि सम्मेलन के साथ शुरू हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम
शारदा भवन में सप्ताहव्यापी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ भी हुआ। प्रथम दिन सायंकाल हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन होगा जिसका शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ पूर्व राज्यमंत्री व दक्षिणी के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी करेंगे। सम्मेलन की  अध्यक्षता साँड़ बनारसी करेंगें। संचालन दमदार बनारसी व  धन्यवाद ज्ञापन संयोजक डॉ. विनोद राव पाठक देंगें।

कल के कार्यक्रम:- 
 दिनांक 01 सितम्बर गुरुवार को अपराह्न 3 बजे से महिलाओं के लिए हल्दी व रोरी का आयोजन तथा मुख्य कार्यक्रम सायंकाल 7 बजे से वैदिक विद्वानों का सम्मान व वसंत पूजा  होगा।
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