फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Ganapati pandals color dominated faith

गणपति के पंडालों में छाए आस्था के रंग

Tue, 06 Sep 2016 02:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/वाराणसी
अमर उजाला ब्यूरो/वाराणसी Updated Tue, 06 Sep 2016 02:02 AM IST
विज्ञापन
छप्पन विनायकों की नगरी में सोमवार की सुबह सात दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुआत गायन, वादन, नृत्य के अलावा विविध प्रतियोगिताओं के साथ हुई। मराठा समाज में गणपति की विशेष आराधना के पर्व की खुशियां छा गईं। सुबह ब्रह्मा घाट स्थित आंग्रे के बाड़ा से पालकी शोभायात्रा निकाली गई। इसमें बच्चों-महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। महीने भर से गणेशोत्सव की तैयारी में जुटे बटुकों ने पद्यगान किया। चित्रकला और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं हुईं। शाम को नृत्य, गायन, वादन की प्रस्तुतियों पर भक्त खूब झूमे। मंदिरों, हवेलियों और घरों के अलावा पंडालों में सजी गणपति की झांकियों के दर्शन के लिए भक्त उमड़ने लगे हैं।
विज्ञापन


दुर्गाघाट स्थित नाना फड़नवीस के बाड़े में नूतन बालक गणेशोत्सव की नयनाभिराम सिद्धि विनायक स्वरूप की प्रतिमा की प्रतिष्ठापना वेदमूर्ति पं. धनंजय दातार ने कराई। अनंत राम वक्षी के अलावा अन्य आचार्यों ने वेद मंत्रोच्चार के साथ गणपति को विराजित कराया। सुबह आठ बजे संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. यदुनाथ दुबे, प्रो. राम मोहन पाठक ने यहां गणपति की महिमा का बखान किया।
विज्ञापन


बीएचयू के धर्म विज्ञान संकाय के डॉ. माधव जनार्दन रटाटे ने बताया कि नूतन बालक के गणेशोत्सव का यह 119वां वर्ष है। स्वतंत्रता आंदोलन में नव जागरण के तौर पर बाल गंगाधर तिलक ने सर्वप्रथम इसी स्थान पर काशी में गणेशोत्सव आरंभ कराया था। योगेश सप्तर्षि ने सहस्त्र मोदक अर्पित किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इस दौरान ‘आरक्षण समाज की आवश्यकता’ विषयक वाद-विवाद प्रतियोगिता भी इसी पंडाल में हुई। इसी से लगे दुर्गाघाट स्थित मंगल भवन में आंग्रे के बाड़े में भी गणेश प्रतिमा पालकी शोभायात्रा के बाद प्रतिष्ठापित की गई। यहां पुणे से आए वेदमूर्ति पं. वसंत फड़के ने प्राणप्रतिष्ठा कराई। शाम को चित्रकला प्रतियोगिता में 30 से अधिक छात्र-छात्राओं ने गणेश के विविध रूप बनाए। 

आस भैरो स्थित अग्रवाल भवन में दिन के 11 बजे काशी मराठा गणेश उत्सव समिति की ओर से खुंटे महाराज ने लाल बाग के राजा की प्रतिमा की प्रतिष्ठापना कराई। यजमान शहर दक्षिणी के विधायक श्याम देव रायचौधरी ‘दादा’ थे। दिनेश चंद्र शर्मा ने गणेश पुराण पर व्याख्यान दिया। इसी तरह गणेश घाट स्थित मूंगा गणेश, सांगवेद विद्यालय में भी गणेश प्रतिमाएं प्रतिष्ठापित की गईं। 


नवापुरा, मछोदरी और गायघाट में भी गणेश प्रतिमाओं की प्रतिष्ठापना की गई। अगस्त्यकुंडा में गणेश उत्सव सेवा समिति की ओर से पं. अनिल शास्त्री घोड़ेकर ने सिद्धि विनायक मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कराई। पूजन उदय कंठाले ने किया। इस अवसर पर प्रदीप पाठक, अर्पित मुनि, प्रखर मुनि, विश्वनाथ औंढेकर ने आराधना की। श्रीकांत पाठक ने लाक्षार्चन कराया। शारदा भवन में अमरूद की लक़ड़ी से तैयार भोसले महल में गणपति विराजे। विनोद राव पाठक के संयोजन में शाम को कवि सम्मेलन में कवियों ने चुटीली कविताओं से खूब ठहाके लगवाए।    
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed