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G20 Summit: रूस-यूक्रेन युद्ध के मुद्दे पर फिर सामने आया मतभेद, विकास मंत्रियों की बैठक में हुआ विरोध

Tue, 13 Jun 2023 07:26 PM IST
उत्पल कांत एजेंसी, वाराणसी
एजेंसी, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Tue, 13 Jun 2023 07:26 PM IST
सार

वाराणसी में जी 20 देशों के विकास मंत्रियों की बैठक में मेजबान भारत की तमाम कोशिशों के बावजूद रूस और चीन के विरोध चलते जारी किए जाने वाले बयान में यूक्रेन युद्ध के मसौदे पर आम सहमति नहीं बन पाई।

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G20 Summit in varanasi Differences surfaced again on issue of Russia Ukraine war
वाराणसी के टीएफसी में जी-20 देशों के विकास मंत्रियों की बैठक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूक्रेन पर रूस के हमले के मुद्दे को लेकर जी-20 में एक बार फिर मतभेद उभरकर सामने आया है। सोमवार को यहां समूह के विकास मंत्रियों की बैठक में मेजबान भारत की तमाम कोशिशों के बावजूद रूस और चीन के विरोध चलते जारी किए जाने वाले बयान में यूक्रेन युद्ध के मसौदे पर आम सहमति नहीं बन पाई।

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बैठक के बाद जारी 14 पैराग्राफ के निष्कर्ष दस्तावेज और अध्यक्ष के संक्षिप्त बयान में उल्लेख किया गया है कि दो पैराग्राफ पर सहमति बन पाई। साथ ही फुटनोट के साथ स्पष्ट किया गया है कि रूस और चीन दो देश थे जिन्होंने यूक्रेन युद्ध के संदर्भ को लेकर विरोध किया।
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विदेश मंत्री एस. जयशंकर की अध्यक्षता में हुई जी-20 देशों के विकास मंत्रियों की बैठक में दुनिया के सामने विभिन्न विकासात्मक चुनौतियों पर मंथन किया गया। इसके साथ ही एक समावेशी रोडमैप के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों पर प्रगति में तेजी लाने के लिए भारत की ओर से शुरू की गई सात वर्षीय योजना को अपनाया गया। बैठक में एक अन्य दस्तावेज को भी अपनाया गया जिसका उद्देश्य जलवायु न्यूनीकरण के पूरक के तौर पर स्थायी जीवन शैली के लिए सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देना है।
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ये भी पढ़ें: यूरोपीय संघ ने की रूस की निंदा, कहा- यूक्रेन पर हमले से बढ़े युद्ध के खतरे

पैराग्राफ 10 और 11 में यूक्रेन युद्ध का जिक्र

G20 Summit in varanasi Differences surfaced again on issue of Russia Ukraine war
रूस और यूक्रेन युद्ध - फोटो : Social Media

निष्कर्ष दस्तावेज और अध्यक्ष के संक्षिप्त बयान के पैराग्राफ 10 और 11 में उल्लेख किया गया है कि ज्यादातर सदस्यों ने यूक्रेन युद्ध की कड़े शब्दो में निंदा की। सदस्यों ने जोर देकर कहा कि यह अत्यधिक मानवीय पीड़ा पैदा कर रहा है, यह देखते हुए कि 'आज का युग युद्ध का नहीं होना चाहिए', यही बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस संघर्ष पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कही थी।

रूसी आक्रामकता का निंदा

इसमें आगे कहा गया है कि बैठक में यूक्रेन युद्ध पर चर्चा हुई और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और संयुक्त महासभा के इससे संबंधित प्रस्तावों का हवाला दिया गया। यूक्रेन के खिलाफ रूस की आक्रामकता की निंदा की गई और यूक्रेनी क्षेत्र से बिना शर्त और पूरी तरह से रूस के हटने की मांग की गई।

परमाणु हथियारों की धमकी अस्वीकार्य

पैराग्राफ 11 में यह भी कहा गया है कि परमाणु हथियारों के उपयोग या उपयोग की धमकी अस्वीकार्य है। साथ ही संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान और संकटों को दूर करने के लिए कूटनीति प्रयास और संवाद को महत्वपूर्ण बताया गया है। गौरतलब है कि नई दिल्ली में जी-20 के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी यूक्रेन युद्ध के मुद्दे पर अमेरिका के नेतृत्व वाले पश्चिमी देशों और रूस के बीच तकरार के चलते संयुक्त बयान नहीं जारी किया जा सका था।

सबने अपने हित की बात की: जयशंकर

मीडिया ब्रीफिंग में जयशंकर ने कहा, हर प्रतिनिधिमंडल ने अपने हित के लिए बात की और अपना दृष्टिकोण रखा। मैं इसमें नहीं पड़ूंगा कि किसने किसका समर्थन किया और किसने किसका समर्थन नहीं किया। सबसे उचित बात तो यह है कि सभी ने खुद के लिए बात की। उन्होंने आगे कहा, अध्यक्ष के रूप में मेरा काम एक समान तत्वों को ढूंढना और उन्हें एक साथ रखना था और यही वह दस्तावेज है जो आपके सामने है।

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