G20 Summit: वाराणसी में गंगा आरती देख मंत्रमुग्ध हुए डेलिगेट्स, क्रूज से निहारते रहे घाटों की अद्भुत छटा
जी- 20 डेलिगेट्स शुक्रवार को वाराणसी के दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती देख मंत्रमुग्ध रह गए। क्रूज पर सवार विदेशी मेहमान चार मिनट और छह सेकेंड का शंखनाद सुनकर चकित रह गए।
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जी-20 सम्मेलन में शामिल होने आए विदेशी मेहमान शुक्रवार शाम वाराणसी के दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती देख मंत्रमुग्ध रह गए। क्रूज पर सवार जी-20 देशों के डेलिगेट्स चार मिनट और छह सेकेंड का शंखनाद सुनकर चकित रह गए। सनातनी संस्कृति के एक-एक पल को मोबाइल में कुछ ने कैद किया तो कुछ भक्ति भाव में डूबे रहे।
शुक्रवार को नदेसर स्थित होटल ताज में बैठक के बाद विदेशी मेहमान सुरक्षित वाहनों से रविदास घाट पहुंचे। वहां से दो क्रूज पर सवार होकर गंगा आरती देखने के लिए रवाना हुए। भाव विभोर करने वाली आरती को कुछ मेहमान समझने में जुटे रहे। आरती की विशेषताओं से भरे ब्रोसर को ध्यान से पढ़ा। कई अपने साथ ले गए।
आरती करने वाले अर्चकों की भाव भंगिमाओं को समझाया जा रहा था। प्रतिदिन होने वाली गंगा आरती को देखने के लिए उमड़ने वाली भीड़ का रहस्य भी बताया गया। सनातनी संस्कृति में गंगा को मां का दर्जा दिया गया है। इसके बारे में उन्हें बताया गया। शंखनाद, घंटी, डमरू, धूप, आरती के मिलन की अदभुत छठा देख मेहमान रोमांचित हुए। अर्चकों के चंवर डोलाने के तरीकों को निहार रहे थे। मेहमानों का शानदार तरीके से स्वागत किया गया।
दशाश्वमेध घाट को फूल-मालाओं से सजाया गया
गंगा सेवा निधि व जिला प्रशासन की पहल पर दशाश्वमेध घाट की फूल-मालाओं से अद्भुत सजावट की गई। 5100 दीपों से जी-20 लिखा गया। गंगा सेवा निधि के सात अर्चकों ने मां गंगा की आरती उतारी। इस दौरान घाट सीढ़ियों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। नित्य संध्या मां गंगा की आरती में तीसरी बार जी-20 डेलिगेट्स शामिल हुए। वाई-20 के डेलिगेट्स भी इसका गवाह बने। जी-20 के प्रतिनिधियों ने प्रसिद्ध नृत्यांगना और कोरियोग्राफर रानी खानम की मनमोहक सांस्कृतिक प्रदर्शन देखा।
सांस्कृतिक एकता की थीम पर जारी होगा डाक टिकट
जी-20 संस्कृति कार्य समूह की बैठक में केंद्र की संस्कृति राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी ने बताया कि सांस्कृतिक एकता की थीम पर एक डाक टिकट जारी किया जाएगा। इससे सभी देशों के बीच संस्कृतिक विरासत कायम होगी। एक दूसरे की संस्कृतियों को जानने, समझने का मौका सभी देशों को मिलेगा।
कल जमेगा सुर वसुधा का रंग
केंद्रीय मंत्रियों ने शनिवार को शाम 6.30 बजे बड़ा लालपुर स्थित हस्तकला संकुल में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक कार्यक्रम सुर वसुधा की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि जी20 देशों के साथ ही आठ आमंत्रित देश (बांग्लादेश, मॉरिशस, नीदरलैंड, ओमान, सिंगापुर, स्पेन, नाइजीरिया, यूएई) के कलाकार सुर वसुधा कार्यक्रम का हिस्सा बन रहे हैं। छह अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी हिस्सा ले रही हैं। यह कार्यक्रम पहले सऊदी अरब, इटली, इंडोनेशिया में हो चुका है। पहली बार भारत की अध्यक्षता हो रहा है।