स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का परिवार कच्चे खंडहर मकान में रहने को मजबूर, नहीं मिल रही कोई सरकारी सहायता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय नन्हकू गिरी का परिवार फांकाकशी की जिंदगी बिता रहा है। पति की मौत के बाद उनकी बहू आठ बच्चों के साथ खंडहर मकान में रहने को मजबूर है। परिवार को अभी तक किसी भी सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिला।
परिवार मनरेगा में मजदूरी कर जीवन-यापन कर रहा है। आरोप है कि परिवार जिस मकान में रहता है, उस जमीन को भी पड़ोसी ने कब्जा कर लिया है। साथ घर से निकालने की धमकी दे रहा है।
आराजी लाइन विकासखंड के सजोई गांव निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नन्हकू गिरी का निधन 13 मार्च 1992 को हो गया। इसके बाद उनकी पत्नी मरजादी देवी को जिला प्रशासन की तरफ से हर वर्ष 15 अगस्त और 26 जनवरी पर बुलाकर सम्मानित किया जाता था।
मरजादी देवी का 18 जून 2010 को निधन हो गया। उनके तीन पुत्रों अमिका गिरी, राधेश्याम गिरी और हृदय नारायण गिरी की भी कुछ दिनों बाद मौत हो गई। इसके बाद उनकी दो बहुएं अहमदाबाद और कोलकाता में जाकर बस गईं जबकि हृदय नारायण की पत्नी बिंदो देवी सजोई गांव में ही पुश्तैनी कच्चे मकान में अपनी 8 पुत्रियों और दो पुत्रों को लेकर रहती हैं।
वे मजदूरी करके किसी तरह परिवार का भरण पोषण कर रही हैं। उनकी बहू को किसी तरह की पेंशन या आवास आदि की सुविधा नहीं मिली। सेनानी की बहू बिंदों का कहना है कि कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का बहू होने के बावजूद किसी प्रकार की सरकारी सहायता नहीं मिलती है।
उन्होंने बताया कि जिस कच्चे मकान में रह रही हूं, उस जमीन पर भी पड़ोसियों ने अपना नाम चढ़वा लिया है और हमेशा घर से निकालने की धमकी देते हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के पोते महेश गिरी मनरेगा में काम करके परिवार चलाने में मां के साथ हाथ बंटाते हैं।
इस बारे में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रविंद्र कुमार पटेल बताया कि यह परिवार गरीब है और इनके दादा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। इन्हें आवास देने का प्रयास किया जाएगा। वहीं खंड विकास अधिकारी सुरेन्द्र प्रताप सिंह का कहना है कि इस परिवार के बारे में जानकारी नहीं थी। हरसंभव सहायता की जाएगी।
राजातालाब के एसडीएम प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया कि स्वतंत्रता सेनानी के परिवार के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है। उनकी जमीन दूसरे के नाम होने का मामला भी संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा कि अभी तक इसकी जानकारी नहीं है। तहसील की टीम मौके पर जाएगी और जांच कर मदद करने का प्रयास करेगी।