धोखाधड़ी: नीलगिरि इंफ्रासिटी के सीएमडी और एमडी पत्नी सहित पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज, रुपये लेने के बाद भी नहीं दी जमीन
वाराणसी में रियल इस्टेट कारोबारियों की बनाई हुई कंपनियां ठगी और धोखाधड़ी कर जनता की गाढ़ी कमाई लूट रही हैं। शाइन सिटी के बाद अब रियल इस्टेट कंपनी नीलगिरी की एक और कारगुजारी सामने आई है। विभिन्न थानों में डेढ़ दर्जन से अधिक मुकदमे नीलगिरि इंफ्रासिटी पर दर्ज हैं।
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वाराणसी में जमीन की खरीद-बिक्री में धोखाधड़ी की आरोपी शाइन सिटी के बाद नीलगिरि इंफ्रासिटी पर मुकदमों की संख्या बढ़ती जा रही है। वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस के चेतगंज थाने में गाजीपुर के भांवरकोल निवासी आशीष राय ने जमीन धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। बता दें कि वाराणसी के विभिन्न थानों में डेढ़ दर्जन से अधिक मुकदमे नीलगिरि इंफ्रासिटी पर दर्ज हैं। सबसे अधिक मुकदमे चेतगंज थाने में है।
गाजीपुर के भांवरकोल निवासी पीड़ित आशीष कुमार राय ने पुलिस को बताया कि वाराणसी में एक रिश्तेदार को जमीन लेनी थी। इसके लिए नीलगिरि इंफ्रासिटी कंपनी के विकास सिंह ने अपने मलदहिया स्थित दफ्तर में बुलाया। विकास और उसके सहयोगियों ने कई जमीन के कागजात दिखाए।
दूसरे दिन विकास की पत्नी ऋतु सिंह, अर्चना, प्रदीप यादव ने जमीन दिखाने के बाबत लिखा पढ़ी की बात कहते हुए कुछ रुपये बतौर एडवांस मांगे। जिस पर चेक और नगद के द्वारा 6 लाख 50 हजार रुपये दिया। बाद में पता चला कि जिस संपत्ति पर आराजीसंख्या के बाबत लिखा पढ़ी हुई है, वह जमीन वहां है ही नहीं।
जिस किसान की जमीन बताई गई, उससे मिला तो पता चला कि विकास सिंह, ऋतु सिंह, प्रदीप यादव, अर्चना का काम फर्जी तरीके से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धन उगाही करना है। इसके बाबत विकास, प्रदीप से पूछताछ की गई तो धमकी दिया गया।
चेतगंज इंस्पेक्टर संध्या सिंह ने बताया कि आशीष की तहरीर पर भेलूपुर थाना अंतर्गत महमूरगंज निवासी विकास सिंह, पत्नी ऋतु सिंह, अर्चना, प्रदीप यादव और एक अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है।