Varanasi News: रिश्तेदार के त्रयोदशाह में आए बुजुर्ग के सिर पर गिरी ईंट, मौत; मचा कोहराम
Varanasi News: सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। वहीं, हॉस्टल संचालित करने वाले को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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शुकुलपुरा स्थित हनुमान मंदिर के समीप रविवार की शाम समधन के त्रयोदशाह पर भोजन करने आए बुजुर्ग के सिर पर बगल के चार मंजिला मकान की छत से सीमेंटेड ईंट गिर गई। हादसे में बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पाकर भेलूपुर थाने की पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस चार मंजिला मकान में हॉस्टल संचालित करने वाले व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
गजेंद्रा गांव निवासी कन्हैया लाल राजभर (70) की बड़ी बेटी रीता की शादी वर्ष 2004 में शुकुलपुरा स्थित हनुमान मंदिर के समीप रहने वाले आजाद के साथ हुई थी। रीता की सास इंद्रावती देवी का निधन हुआ है और रविवार को त्रयोदशाह का कार्यक्रम था। शाम के समय रीता की ससुराल और पट्टीदारी के लोगों के साथ भोजन करने के लिए कन्हैया लाल कतार में बैठे थे। उसी दौरान कन्हैया लाल के सिर पर बगल के चार मंजिला मकान की छत से सीमेंटेड ईंट (चार ईंट आपस में जुड़ी हुई) गिर गई।
हादसे में मौके पर ही कन्हैया लाल की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि कन्हैया लाल दो बेटियों और दो बेटों के पिता थे। घर पर रह कर खेती करने वाले कन्हैया की मौत की खबर पाकर उनकी पत्नी सूखा देवी की हालत बेसुधों जैसी थी। उधर, इस संबंध में इंस्पेक्टर भेलूपुर विजय कुमार शुक्ला ने बताया कि पोस्टमार्टम के लिए शव को मोर्च्युरी में रखवाया गया है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मरम्मत हो गई होती तो न होता हादसा
चार मंजिला मकान में ब्वॉयज हॉस्टल संचालित होता है। हॉस्टल में रहने वाले छात्रों ने बताया कि बुजुर्ग के सिर पर जो सीमेंटेड ईंट गिरी थी उस पर पहले कभी गमला रखा जाता था। इधर वह सीमेंटेड ईंट लगातार हिल रही थी और रविवार की शाम बुजुर्ग के सिर पर गिर पड़ी। यदि उसकी मरम्मत करा दी गई होती तो शायद बुजुर्ग हादसे का शिकार न हुए होते।
हमके जिंदगी भर के लिए कलंक लग गईल
कन्हैया लाल राजभर की मौत के बाद उनकी बेटी रीता बिलखते हुए खुद को कोस रही थी। बार-बार यही कह रही थी कि हमके जिंदगी भर के लिए कलंक लग गईल...। हम अपने बाबूजी को न बुलाए होते और न उनकी जान जाती। परिवार की महिलाएं बड़े ही मुश्किल से रीता को संभाले हुए थी।