वाराणसी आए कवियों के साथ बदमाशों ने की लूटपाट, दो को पीट कर किया घायल
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आध्यात्मिक नगरी काशी में पर्यटकों के साथ बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। ललिता घाट पर दूसरे जिलों से आए कवियों के साथ लूटपाट और मारपीट हुई है। पीड़ित कवियों द्वारा दशाश्वमेध थाने में तहरीर दी गई है।
मंगलवार को वाराणसी के डीरेका में कविता पाठ का आयोजन है। इसी कविता पाठ में शामिल होने के लिए वाराणसी के लोहता के दुर्गेश दुबे, लखीमपुर खीरी के कनक तिवारी, बाराबंकी के विकास सिंह और डॉ. अनिल सिंह काशी आए थें। मंगलवार को बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने के लिए चारों कवि काशी विश्वनाथ पहुंचे।
दर्शन पूजन करने के बाद चारों कवि दशाश्वमेध घाट से मणिकर्णिका घाट तक पैदल ही घूमने चले गए। जिसके बाद मंगलवार तड़के लगभग दो बजे ललिता घाट के पास कुछ युवकों ने चारों कवियों को घेर लिया। इसके बाद उनसे छीना-झपटी करने लगें। इस दौरान एक बदमाश एक कवि का मोबाइल फोन छीन लिया।
इसके बाद उन चारों के पास से लगभग 20 हजार रुपये लूट लिए। लूट का विरोध करने के दौरान कुछ बदमाशों ने चारों को लाठी-डंडों से मारपीट कर घायल कर दिया। मारपीट में दुर्गेश दुबे और कनक तिवारी के सिर में गंभीर चोटें आई हैं।
पुलिस को दी गई तहरीर में पीड़ितों ने बताया कि बदमाशों ने दुर्गेश दुबे की सोने की चेन, कनक तिवारी का मोबाइल के साथ ही लगभग 20 हजार रुपये छीन लिए। चौक थाना जाने पर दरोगा ने मौके पर जाकर चार लोगों को पकड़ा लेकिन लूट का मुकदमा दर्ज करने से इनकार कर दिया। जिसके बाद पीडि़तों ने तीन लोगों के खिलाफ दशाश्वमेध थाने में तहरीर दी। पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।