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धरोहर पर लगने थे चार चांद, लगा अतिक्रमण का ग्रहण

Sat, 19 Jun 2021 01:42 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 19 Jun 2021 01:42 AM IST
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Four moons were to be installed on the heritage, eclipse of encroachment
काशी की पद्म गलियों से दुनिया को रूबरू कराने के लिए हेरिटेज वॉक का निर्माण किया गया। योजना थी कि काशी की धरोहर में इससे चार चांद लग जाएंगे, लेकिन हेरिटेज वॉक पर निर्माण के बाद से अतिक्रमण का ग्रहण लगा है। हालत यह यह है कि हेरिटेज वॉक का काम आज तक पूरा नहीं हो सका है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बनाई गई हेरिटेज वॉक योजना को विभाग आज तक धरातल पर नहीं उतार सका है।
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लगभग दो करोड़ 51 लाख रुपये की लागत से हेरिटेज वॉक योजना के लिए कबीरचौरा की पद्म गलियों का चयन किया गया था। यह संत कबीर, सात पद्मविभूषण व पद्मश्री से सम्मानित कलाकारों की तपोस्थली है। पथ के किनारे लगी कई हेरिटेज लाइट क्षतिग्रस्त हैं, टिकटघर खुला ही नहीं। कई गलियों में आधा-अधूरा काम करके छोड़ दिया गया है। वाटर एटीएम भी नहीं लगा। हेरिटेज वॉक का आरंभ 15 दिसंबर 2016 में हुआ। 30 अगस्त 2017 को बिना काम पूरा हुए काम पूरा होने का बोर्ड लगा दिया। 14 जुलाई 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया तो उस दौरान भी उक्त काम अधूरे थे।
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अतिक्रमण के बीच कराया गया हेरिटेज वॉक
अतिक्रमण के बीच स्वकर्म संस्थान की ओर दो बार हेरिटेज वॉक का आयोजन कराया गया। ऑनलाइन पंजीकरण के जरिए इसमें देशी और विदेशी पर्यटकों ने हिस्सा लिया। पर्यटकों ने पहली बार जब इतने करीब से संगीत की विभूतियों को देखा तो वह भी बिना सराहना किए नहीं रह सके थे। वहीं अतिक्रमण और अधूरे काम पर उन्होंने आश्चर्य जताया था।
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महान विभूतियों से जुड़ा है हेरिटेज वॉक
संत कबीर की कर्म और ज्ञानस्थली कबीरचौरा मूलगादी मठ के आसपास संगीत की विभूतियों का जमावड़ा है। संगीत की तीनों विधा गायन, वादन और नृत्य का संगम है यह कबीरचौरा मोहल्ला बनारस घराने के नाम से विश्व में प्रसिद्ध है। देश में कई घराने हैं, किंतु संगीत की तीनों विधा कहीं नहीं है। 37 परिवारों में गायन, वादन और नृत्य की विभूतियां हर किसी के आकर्षण का केंद्र हैं। तबला वादक पद्मविभूषण पं. सामता प्रसाद मिश्र उर्फ गुदई महाराज, पद्म विभूषण गिरजा देवी, पद्म विभूषण पं. किशन महाराज, पद्मभूषण पं. राजन व साजन मिश्र, देवकी नंदन खत्री, पं. बड़े रामदास, पं. रामसहाय, पं. सुखदेव महराज और ठुमरी साम्राज्ञी सितारा देवी जैसी विभूतियां इन्हीं पद्मगलियों से निकली हैं।
शाही नाले के डायवर्जन का काम चल रहा है। काम पूरा होने के बाद हेरिटेज वॉक का बाकी बचा हुआ काम भी पूर्ण कराया जाएगा। - देवीदयाल, अपर नगर आयुक्त
ये होना है कार्य
- गलियों का सुंदरीकरण
- हेरिटेज लाइट लगाना
-गलियों की दीवारों का सुंदरीकरण
-गलियों में चौका बिछाने का काम
- टिकट घर का निर्माण
- वाटर एटीएम बूथ
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